,

‘प्लास्टिक चटनी’: कच्चे पपीते से बनने वाली बंगाल की अनोखी और ट्रांसपेरेंट रेसिपी

 क्या आप चटनी के शौकीन हैं? अगर हां, तो आज तक आपने धनिया से लेकर पुदीना और कच्चे आम तक की चटनी खूब खाई होगी…

Varad Avatar

by

2 minutes

Read Time

‘प्लास्टिक चटनी’: कच्चे पपीते से बनने वाली बंगाल की अनोखी और ट्रांसपेरेंट रेसिपी

 क्या आप चटनी के शौकीन हैं? अगर हां, तो आज तक आपने धनिया से लेकर पुदीना और कच्चे आम तक की चटनी खूब खाई होगी. लेकिन क्या आपने ‘प्लास्टिक चटनी’ खाई है? क्या नाम सुनते ही चौंक गए न? प्लास्टिक चटनी का नाम सुनते ही आपके दिमाग में प्लास्टिक घूमने लगेगी, लेकिन ठहर जाइए क्योंकि ये प्लास्टिक से नहीं बनी है. ये कुछ ऐसा है, जिसका नाम तो आपको चौंका ही देगा, पर स्वाद में आपका दिल जीत लेगा.
इसका नाम बेशक प्लास्टिक चटनी हो, लेकिन इसमें प्लास्टिक का नामोनिशान नहीं है. ये बंगाल की एक बेहद मशहूर और ट्रेडिशनल डिश है, जिसे कच्चे पपीते से बनाया जाता है. इसे ‘प्लास्टिक’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि बनने के बाद पपीते के टुकड़े इतने चमकदार और ट्रांसपेरेंट हो जाते हैं कि बिल्कुल प्लास्टिक जैसे दिखने लगते हैं. मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने इस खास और यूनिक रेसिपी को बेहद आसान अंदाज में शेयर किया है. आइए जानते हैं आप इसे घर पर प्लास्टिक चटनी कैसे बना सकते हैं.
इंग्रेडिएंट्स:
    कच्चा पपीता- 750 ग्राम
    चीनी- 1.5 कप
    पानी- 1 कप
    नींबू का रस- 2 टेबलस्पून
    काजू- 2 टेबलस्पून
    नमक- स्वादानुसार
    सरसों का तेल- 1 छोटा चम्मच
पंचफोरन के लिए
    जीरा
    सौंफ
    सरसों
    कलौंजी
    मेथी दाना (सभी बराबर मात्रा में)
बनाने का तरीका:
1.
प्लास्टिक चटनी बनाने के लिए सबसे पहले पपीते को छीलकर बीज निकाल लें. पतले स्लाइस में काट लें और फिर उबलते पानी में 1 मिनट के लिए ब्लांच करें. इससे चटनी ज्यादा ट्रांसपेरेंट बनती है.
2. अब कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें और काजू हल्के फ्राई कर लें. उसी तेल में पंचफोरन डालकर तड़का लगाएं.
3. इसके बाद इसमें पानी और चीनी डालकर उबाल आने दें. 3-4 बूंद नींबू का रस डालें. नींबू डालने से शुगर सिरप साफ होगा. अब ब्लांच किए हुए पपीते डालें.
4. इसे 8-10 मिनट तक पकाएं, जब तक पपीता पूरी तरह से ट्रांसपेरेंट न हो जाए. जब पपीता ट्रांसपेरेंट हो जाए तब चटनी में नमक, नींबू का रस और काजू डालकर मिलाएं. आपकी प्लास्टिक चटनी तैयार है.
इन बातों का रखें ध्यान
1. जब भी आप प्लास्टिक चटनी बनाने का मन बनाएं तो इस बात का ध्यान रखें कि कच्चा पपीता सख्त होना चाहिए, पका हुआ न लें.
2. प्रेग्नेंट महिलाओं को कच्चा पपीता खाने से बचना चाहिए.
3. नींबू का रस डालने से चटनी का स्वाद बैलेंस रहता है और चीनी जमती नहीं है. इसलिए इसमें हमेशा नींबू का रस डालें.
बंगाल में ‘प्लास्टिक चटनी’ को आमतौर पर पापड़ के साथ परोसा जाता है, लेकिन आप इसे पूड़ी, पराठा या टोस्ट के साथ भी खा सकते हैं.
 

About the Author

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports