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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री चयन के लिए अमित शाह होंगे पर्यवेक्षक, जेपी नड्डा को मिली असम की जिम्मेदारी

कोलकाता  पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। गृह मंत्री अमित..

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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री चयन के लिए अमित शाह होंगे पर्यवेक्षक, जेपी नड्डा को मिली असम की जिम्मेदारी

कोलकाता
 पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के सीएम मोहन चरण मांझी पश्चिम बंगाल के पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। असम के लिए जेपी नड्डा और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी पर्यवेक्षक होंगे। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा। पहले शपथ समारोह रवींद्रनाथ टैगोर के जन्मदिन यानी 7 मई पर होने की चर्चा सामने आई थी। पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। ओडिशा के सीएम मोहन मांझी और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी सह पर्यवेक्षक की भूमिका में रहेंगे।
कौन कहां का पर्यवेक्षक बना
    पश्चिम बंगाल-अमित शाह, मोहन मांझी
    असम- जेपी नड्‌डा, नायब सैनी
    पुडुचेरी-मनसुख मांडविया, निर्मल कुमार

बंगाल के सीएम को लेकर सस्पेंस
पश्चिम बंगाल में सीएम पद की दौड़ में सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे हैं। ममता बनर्जी 15 साल तक राज्य की मुख्यमंत्री रहीं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या बीजेपी भूमिपुत्र सुवेंदु अधिकारी पर दांव खेलेगी या फिर किसी महिला को आगे करेगी। महिला सीएम होने की चर्चाओं ने कोलकाता से लेकर दिल्ली तक राजनीति को गरमा दिया है। सुवेंदु अधिकारी के अलावा कुछ और नाम भी चर्चा में हैं। इनमें प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्‌टाचार्य, पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष का नाम शामिल है। महिला सीएम के लिए रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पाॅल का नाम चर्चा में है। सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भबानीपुर से जीत हासिल की है।
बंगाल में भाजपा की बंपर जीत
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फालता में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं।

सुवेंदु सीएम या महिला पर दांव
बंगाल में इतिहास में अभी तक कुल आठ मुख्यमंत्री हुए हैं इनमें ममता बनर्जी इकलौती महिला सीएम हैं। ऐसे में चर्चा है कि महिलाओं के मजबूत नेटवर्क और वोटबैंक को देखते हुए क्या बीजेपी महिला को मुख्यमंत्री बनाएगी या फिर सुवेंदु ही सीएम बनेंगे। पिछली बार ममता बनर्जी ने पांच मई को शपथ ली थी। वह कुल 15 साल राज्य की सीएम रहीं। पश्चिम बंगाल के पहले सीएम होने का गौरव बिधान चंद्र राय को है। प्रफुल्ला चंद्र सेन दो बार सीएम बने जब कि अजॉय मुखर्जी तीन बार सीएम की कुर्सी पर बैठे। इसके बाद सिद्धार्थ शंकर रे और फिर ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। ज्योति बसु के बाद बुद्धदेब भट्‌टाचार्य बंगल के सीएम रहे।
 

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