इंदौर/उज्जैन
मध्य प्रदेश में स्थित इंदौर और उज्जैन के बीच बनाए जाने वाले ग्रीन फील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट ने इसमें जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीनों का कब्जा लेने पर रोक लगा दी है। साथ ही, जिन किसानों ने मुआवजा ले भी लिया है और वे अपना मुआवजा वापस करते हैं तो उनकी जमीन अधिग्रहण पर भी स्टे लागू कर दिया जाएगा।
अभिभाषक पूनम महाजन ने बताया, सरकार ने इंदौर से उज्जैन के बीच सिंहस्थ को लेकर 48.1 किलोमीटर का फोरलेन रास्ता बनाने की योजना बनाई है, जिसे ग्रीन फील्ड कॉरिडोर नाम दिया गया है। पितृ-पर्वत से शुरू होकर ये रास्ता सीधे चिंतामण गणेश मंदिर के पास उज्जैन बायपास तक बनना है। इससे इंदौर-उज्जैन के बीच की दूरी केवल 30 मिनट में ही पूरी होने का दावा किया गया है। इसके तहत इंदौर की हातोद तहसील में आने वाले ग्राम सागवाल की 16.496 हेक्टेयर जमीन भी अधिग्रहित की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन अधिग्रहण के खिलाफ नाराज किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका में आरोप : जारी नोटिफिकेशन में सिर्फ एक्सपर्ट ग्रुप की राय ही दी
इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि किसानों की जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई कानूनी रूप से गलत है। जमीन अधिग्रहण के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, उसमें केवल एक्सपर्ट ग्रुप की राय को ही जारी किया गया है, जबकि नोटिफिकेशन में सामाजिक संग्रहात रिपोर्ट की समरी को नोटिफिकेशन में दिया जाना था। इसके साथ ही अन्य कई कानूनी गड़बडि़यां की गई हैं।
सरकार बोली कोई उल्लंघन नहीं किया, किसानों ने मय फोटे के साक्ष्य दिए
इस याचिका के दायर होने के बाद राज्य के महाधिवक्ता ने 13 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट में बयान दिया था कि राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन कानून के सभी प्रावधानों का पालन करेगी। इसका उल्लंघन करते हुए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। बावजूद किसानों की जमीनों को अधिग्रहित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी फोटो सहित जानकारी कोर्ट के समक्ष रखकर मांग की थी कि कोर्ट इस पर स्टे जारी करे अन्यथा किसानों के याचिका दायर करने का कोई अर्थ नहीं रहेगा।
महाधिवक्ता बोले- कुछ किसान मुआवजा ले चुके हैं और अन्य भी तैयार
महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि, याचिका दायर करने वाले किसानों के मामले में जो भी कार्यवाही की जाएगी, वो कानून के मुताबिक ही की जाएगी। साथ ही बताया कि याचिका दायर करने वाले कुछ किसान पहले ही मुआवजा ले चुके हैं और कुछ अन्य भी मुआवजा लेने को तैयार हैं।
जो केस लड़ना चाहते हैं उन्हें मुआवजा राशि वापस करनी होगी- कोर्ट
कोर्ट ने माना, चूंकि कोर्ट में याचिकाओं पर सुनवाई जारी है और अगर इस बीच जमीनों का कब्जा ले लिया जाता है तो इसकी संभावना ज्यादा है कि, उस स्थिति में याचिकाओं का कोई मतलब नहीं रहेगा। इसके चलते जिन्होंने मुआवजा प्राप्त नहीं किया है, उनकी जमीन की जो स्थिति है उसे वैसे ही रखा जाएगा और जिन्होंने मुआवजा प्राप्त कर लिया है, किंतु जो इस केस को लड़ना चाहते हैं उन्हें मुआवजे की राशि वापस करनी होगी। जिस तारीख से वो पैसा वापस करेंगे, उस तारीख से उनकी जमीन पर स्टे रहेगा। बावजूद कोई यदि मुआवजा लेने का इच्छुक है तो वो ऐसा कर सकता है। उस स्थिति में सरकार तय कानून के हिसाब से आगे की कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगी।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर पर हाईकोर्ट की रोक, किसानों को लौटाना होगा मुआवजा
इंदौर/उज्जैन मध्य प्रदेश में स्थित इंदौर और उज्जैन के बीच बनाए जाने वाले ग्रीन फील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट ने इसमें जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीनों का कब्जा लेने पर रोक लगा दी है। साथ ही, जिन किसानों ने मुआवजा ले…

Previous Post
Next Post
Latest News

Stay Connected
Categories
featured top-news Uncategorized इंदौर खेल ग्वालियर छत्तीसगढ़ जबलपुर देश धर्म ज्योतिष बिलासपुर बिज़नेस भोपाल मध्य प्रदेश मनोरंजन राजनीतिक राज्य रायपुर लाइफस्टाइल विदेश
Tags
About the Author

GoodDoo News
Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives
Access over the years of investigative journalism and breaking reports
You May Have Missed



