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पूर्व कांग्रेसी केवल सिंह ढिल्लों बने BJP पंजाब के नए प्रदेश अध्यक्ष, चुनाव से पहले बड़ा फेरबदल

चंडीगढ़. पंजाब भाजपा को नया प्रदेश प्रधान मिल गया है। पार्टी हाईकमान ने बरनाला के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश भाजपा की कमान सौंप दी है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही पंजाब भाजपा में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी नेतृत्व ने ऐसे…

चंडीगढ़.

पंजाब भाजपा को नया प्रदेश प्रधान मिल गया है। पार्टी हाईकमान ने बरनाला के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश भाजपा की कमान सौंप दी है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही पंजाब भाजपा में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पार्टी नेतृत्व ने ऐसे समय में यह फैसला लिया है, जब पंजाब में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ बढ़ाने की चुनौती सामने है। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला के तल्लेवाल गांव से संबंध रखते हैं। उनका जन्म 16 मई 1950 को हुआ था। वह पंजाब के बड़े उद्योगपतियों और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वह ढिल्लों ग्रुप के प्रमुख हैं और लंबे समय से कारोबार के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई बरनाला में हुई।

12वीं पास हैं केवल सिंह ढिल्लों
वह 12वीं पास हैं और 1969-70 में एसडी कॉलेज बरनाला से बीए पार्ट-1 की पढ़ाई की थी। उनके पिता का नाम सजन सिंह ढिल्लों है, जबकि पत्नी का नाम मनजीत कौर है। उनके दो बेटे कंवरइंदर सिंह ढिल्लों और करणइंदर सिंह ढिल्लों पारिवारिक बिजनेस और रियल एस्टेट कारोबार संभाल रहे हैं। ढिल्लों पिछले करीब दो दशकों से पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस टिकट पर वह 2007 और 2012 में बरनाला से विधायक चुने गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। वह पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपप्रधान भी रह चुके हैं और मालवा क्षेत्र में कांग्रेस का बड़ा चेहरा थे। हालांकि 2017 विधानसभा चुनाव और 2019 के संगरूर लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

जून 2022 में छोड़ी थी कांग्रेस
इसके बाद जून 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उन्हें संगरूर लोकसभा उपचुनाव में उम्मीदवार भी बनाया था। फिलहाल वह पंजाब भाजपा की कोर कमेटी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने मालवा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और किसान व कारोबारी वर्ग में पकड़ बढ़ाने के लिए केवल सिंह ढिल्लों पर दांव खेला है। पंजाब भाजपा में इससे पहले अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं, पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। जाखड़ के नेतृत्व में भाजपा ने पंजाब में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश की थी। अब केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश प्रधान बनाकर पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पंजाब में नए चेहरों और क्षेत्रीय संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती है। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि केवल सिंह ढिल्लों के अनुभव, कारोबारी पृष्ठभूमि और मालवा क्षेत्र में प्रभाव का फायदा पार्टी को आगामी चुनावों में मिल सकता है। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पंजाब भाजपा के अध्यक्ष के रूप में सेवा करना उनके लिए गौरव और बड़ी जिम्मेदारी का विषय रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताया गया विश्वास और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लगातार मिला मार्गदर्शन उनके पूरे कार्यकाल में ताकत का स्रोत बना रहा।

जाखड़ ने किया किसकी सीख का जिक्र?
जाखड़ ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष से मिली संगठनात्मक सीख का भी जिक्र किया। साथ ही पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सहयोग व प्रोत्साहन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा की असली ताकत राज्यभर के कार्यकर्ता, नेता और समर्थक हैं, जिनकी निष्ठा और सहयोग से उनका कार्यकाल यादगार बना। पूर्व अध्यक्ष ने नए प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जा रही है और उन्हें पूरा विश्वास है कि ढिल्लों के नेतृत्व में संगठन और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की सेवा और संगठन को आगे बढ़ाने में वह हरसंभव सहयोग देते रहेंगे।

सुनील जाखड़ ने अपने संदेश में यह भी साफ किया कि उनका पंजाब, पंजाब के लोगों और संगठन के साथ रिश्ता किसी भी पद से ऊपर है। उन्होंने कहा कि यह जुड़ाव आगे भी उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगा। गौरतलब है कि भाजपा ने हाल ही में बरनाला के पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। ढिल्लों कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वहीं, सुनील जाखड़ भी कांग्रेस से भाजपा में आए थे और पार्टी ने उन्हें पंजाब भाजपा की कमान सौंपी थी। उनके कार्यकाल के दौरान अश्वनी शर्मा कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका में सक्रिय रहे। अब संगठन में बदलाव के साथ भाजपा पंजाब में नए नेतृत्व के जरिए राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

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