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कोलेजियम की बड़ी सिफारिश, शील नागू समेत 5 जज सुप्रीम कोर्ट भेजने का प्रस्ताव

चंडीगढ़ सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना के नाम शीर्ष अदालत में जज नियुक्त करने के लिए केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक, प्रधान…

चंडीगढ़
सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना के नाम शीर्ष अदालत में जज नियुक्त करने के लिए केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने 22 और 27 मई को हुई बैठकों में इन नामों पर विचार किया।

कॉलेजियम ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। अब इन नामों पर केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद औपचारिक नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय के निवर्तमान न्यायाधीशों न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और वर्षों की समर्पित सेवा के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। न्यायमूर्ति माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मिथल दोनों उच्चतम न्यायालय में आंशिक कार्य दिवसों (एक जून से 12 जुलाई) के दौरान सेवानिवृत्त होंगे। न्यायमूर्ति माहेश्वरी जहां 28 जून को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, वहीं न्यायमूर्ति मिथल 16 जून को अपना पद छोड़ देंगे। प्रधान न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन द्वारा न्यायमूर्ति माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मिथल को विदाई देने के लिए आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, "उन्होंने (न्यायमूर्ति माहेश्वरी और न्यायमूर्ति मिथल ने) हमें दिखाया कि अधिकार दूरी पैदा नहीं करता और उच्च पद किसी व्यक्ति को उन स्थानों और मूल्यों से अलग नहीं करते जिन्होंने उसे आकार दिया है।" उन्होंने कहा, "न्यायाधीश के रूप में उपस्थित मेरे सहयोगियों की ओर से, संस्था की ओर से, यहां उपस्थित सभी लोगों की ओर से और जो लोग ऑनलाइन हमसे जुड़ रहे हैं, उनकी ओर से, मैं भाई माहेश्वरी और भाई मिथल को उनके वर्षों की गरिमा, सत्यनिष्ठा, संयम और दृढ़ विश्वास के साथ दी गई समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद देता हूं।"

वी.मोहना नाम की भी सिफारिश
जस्टिस पल्ली मूल रूप से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से हैं। कॉलेजियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील वी. मोहना के नाम की भी सिफारिश की है।

इन नामों पर लगी मुहर
जिन लोगों को सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई है, उनमें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू (मूल हाई कोर्ट मध्य प्रदेश), बांबे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर (मूल हाई कोर्ट झारखंड), मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा (मूल हाई कोर्ट दिल्ली), जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली (मूल हाई कोर्ट पंजाब एवं हरियाणा) और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील वी मोहना शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश कांत के अलावा, कोलेजियम के अन्य सदस्य जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एमएम सुंदरेश हैं।

अगस्त 2021 के बाद पहली महिला जज
अगर केंद्र सरकार कोलेजियम की सिफारिश को मंजूरी दे देती है, तो सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या मौजूदा 32 से बढ़कर 37 हो जाएगी। वी मोहना की नियुक्ति अगस्त 2021 के बाद सुप्रीम कोर्ट में किसी महिला जज की पहली नियुक्ति होगी। इससे सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या दो हो जाएगी। वर्तमान में जस्टिस बीवी नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट में एकमात्र महिला जज हैं। इसके अलावा इस साल के अंत में चार और जज रिटायर होने वाले हैं।

जजों की स्वीकृत संख्या 38 हुई
कोलेजियम की यह सिफारिश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) करने के अध्यादेश को जारी करने के महज 10 दिन बाद आई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को एक अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। सरकार का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट अधिक कुशलता और प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा, जिससे त्वरित न्याय सुनिश्चित होगा। बता दें कि 31 मार्च 2026 तक सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की कुल संख्या 93,143 के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई थी।

कॉलेजियम सिस्टम क्या होता है?
भारत में सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम के जरिए की जाती है. यह व्यवस्था सीधे संविधान में नहीं लिखी गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसलों के बाद यह प्रक्रिया लागू हुई. इसी सिस्टम के तहत सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर किया जाता है. कॉलेजियम सिस्टम में सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज मिलकर फैसला लेते हैं कि किसे जज बनाया जाए. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI और सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ जज  शामिल होते हैं. फिलहाल भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई हैं. सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्ति की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है. सबसे पहले हाई कोर्ट के वरिष्ठ जजों या अनुभवी वकीलों के नाम पर विचार किया जाता है. संबंधित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और वरिष्ठ जज भी कुछ नाम सुझाते हैं।

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