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कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत: बिहार में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को मिलेगी पीरियड लीव

 पटना बिहार की सम्राट सरकार ने राज्य की कामकाजी महिलाओं के हित में एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है। एनडीए सरकार की इस नई पहल के बाद अब राज्य की संविदा और आउटसोर्सिंग महिला कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी राहत मिलने जा रही है। सरकार ने इन महिलाओं के लिए एक विशेष नीति…

 पटना

बिहार की सम्राट सरकार ने राज्य की कामकाजी महिलाओं के हित में एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला लिया है। एनडीए सरकार की इस नई पहल के बाद अब राज्य की संविदा और आउटसोर्सिंग महिला कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी राहत मिलने जा रही है। सरकार ने इन महिलाओं के लिए एक विशेष नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत इन्हें हर महीने 'स्पेशल लीव' की सौगात दी जाएगी। सरकार के इस बड़े कदम से राज्य की लगभग डेढ़ लाख से अधिक महिला कर्मियों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

हर महीने मिलेगी 2 दिनों की स्पेशल लीव, बिहार बना देश का पहला राज्य
इस नई नीति के लागू होने के बाद अब बिहार की तमाम संविदा, बेलट्रॉन और आउटसोर्सिंग महिला कर्मचारियों को हर महीने 2 दिनों की स्पेशल लीव दी जाएगी। गौरतलब है कि नियमित सरकारी महिला कर्मचारियों की तरह ही इन संविदा कर्मियों को भी लंबे समय से इस सुविधा की दरकार थी। अब बिहार पूरे देश में ऐसा पहला और इकलौता राज्य बन गया है, जिसने संविदा और आउटसोर्सिंग स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को प्रति माह 2 दिनों की विशेष छुट्टी देने की घोषणा की है।

पीरियड लीव का पुराना इतिहास और अन्य राज्यों की स्थिति क्या है?
बिहार में महिला कर्मचारियों को मिलने वाली यह विशेष छुट्टी असल में 'पीरियड लीव' के तौर पर जानी जाती है। इस व्यवस्था की सबसे पहली शुरुआत 34 साल पहले साल 1992 में लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान की गई थी, जब नियमित महिला कर्मियों के लिए 2 दिनों की विशेष छुट्टी का प्रावधान लागू हुआ था। हाल ही में कर्नाटक सरकार ने भी अपने राज्य में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर्स की महिलाओं के लिए पीरियड लीव की नीति घोषित की है, लेकिन वहां केवल एक ही दिन की छुट्टी का प्रावधान है। वहीं बिहार अब संविदा और आउटसोर्सिंग महिलाओं के लिए भी पूरे 2 दिनों की छुट्टी लागू कर देश में सबसे आगे निकल गया है।

ड्यूटी टाइमिंग के विवाद के बीच महिला कर्मियों के लिए बड़ी राहत
बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मुख्य सचिव के एक पत्र को लेकर काफी घमासान मचा हुआ था। दरअसल, नए आदेश के मुताबिक नियमित महिला कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5 बजे तक तय है, जबकि संविदा और आउटसोर्सिंग महिला कर्मियों को शाम 6 बजे तक यानी एक घंटा अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। इस टाइमिंग को लेकर भले ही अभी थोड़ा कन्फ्यूजन बना हुआ है, लेकिन इसी बीच बीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से ट्वीट कर इस 2 दिनों की 'स्पेशल लीव' की घोषणा ने महिलाओं के चेहरे पर बड़ी खुशी ला दी है। महिला संगठनों का कहना है कि यह नई व्यवस्था कामकाजी महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान के लिए एक संजीवनी की तरह काम करेगी।

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