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अजमेर पर आतंकी नजर: पिछले दो दशकों की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

अजमेर  लगभग दो दशकों से आतंकी संगठनों की नजर अजमेर पर है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन आईएसआई और आईएसआईएस से जुड़े मॉड्यूल पहले भी रैकी कर चुके हैं। बीते तीन माह में दूसरी बार युवक की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है। बीते मार्च में हरियाणा एटीएस ने लौंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर उर्फ बाबू…

अजमेर पर आतंकी नजर: पिछले दो दशकों की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

अजमेर

 लगभग दो दशकों से आतंकी संगठनों की नजर अजमेर पर है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन आईएसआई और आईएसआईएस से जुड़े मॉड्यूल पहले भी रैकी कर चुके हैं। बीते तीन माह में दूसरी बार युवक की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है। बीते मार्च में हरियाणा एटीएस ने लौंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर उर्फ बाबू को पकड़ा था। अब एनआइए ने परमेश मीणा को पकड़ा है। इससे खुफिया एजेंसियां और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस को अली अकबर और परमेश के अलावा भी अजमेर में पाक आतंकी शहजाद भट्टी के किसी संगठन से जुड़ाव की आशंका है।

एआइए ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसमें परमेश के ऑनलाइन लूडो गेम खेलने की जानकारी मिली। कुछ लोगों ने रिकवरी के कामकाज की जानकारी भी दी। उसके अजमेर में कहीं कारोबार अथवा नौकरी करने की कोई सूचना नहीं मिली। बंद कमरे में पूछताछ के बाद टीम परमेश को लेकर दिल्ली रवाना हो गई।

पहले पकड़ा गया था ऑटोरिक्शा चालक
बीती 15 मार्च में अंबाला में हरियाणा एटीएस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क रखने के आरोप में दो साथियों को 2 किलो आरडीएक्स सहित पकड़ा था। इनमें दरगाह लौंगिया गली नम्बर-1 निवासी ऑटो रिक्शा चालक अली अकबर उर्फ बाबू भी शामिल था। अली अकबर मूलत: अजमेर के पीसांगन थाना क्षेत्र के गोविन्दगढ़ का निवासी है। उसके पिता मोहम्मद रमजान रोडवेज से सेवानिवृत्त हैं। बड़ा भाई अली असगर गेस्ट हाउस में नौकरी करता है।

आतंकी अशरफ रहा था दो साल
अक्टूबर 2021 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ भी पत्नी के साथ देहली गेट क्षेत्र में एक धार्मिक स्थल पर दो साल तक रहा। वह झाड़-फूंक करने की आड़ में इलाके की गतिविधियों पर नजर रखता रहा। अशरफ ने अजमेर में फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवा लिए थे।

शहर में आतंकी गतिविधियों की प्रमुख घटनाएं
2003 – आतंकी डेविड कॉलमैन हेडली ने पुष्कर के यहूदी धर्मस्थल बेदखबाद की रैकी की।
2006 – गेगल थाना पुलिस ने हथियारों का जखीरा लेकर जा रहे आतंकी मोहम्मद शब्बीर को गिरफ्तार किया।
2007 – अजमेर दरगाह परिसर में बम विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत और कई घायल हुए।
2010 – कर्नाटक एटीएस ने आतंकी युसूफ उर्फ उमर को गिरफ्तार किया। उसने दरगाह और पुष्कर क्षेत्र की रैकी करना कबूला।
2016 – आईएसआईएस टेरर मॉड्यूल के सदस्य मोहम्मद इब्राहिम राजदानी और हबीब मोहम्मद इलियासी दरगाह क्षेत्र के धानमंडी इलाके में चार दिन होटल में ठहरे। बाद में वे इंदौर के रास्ते लौटते समय एनआइए के हत्थे चढ़े।
2021 – दिल्ली में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ के अजमेर में दो साल तक छिपकर रहने का खुलासा हुआ।

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