,

Himachal Entry Tax के विरोध में निहंगों का बड़ा कदम, कुल्लू-मनाली हाईवे जाम की चेतावनी

पठानकोट  हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर…

Himachal Entry Tax के विरोध में निहंगों का बड़ा कदम, कुल्लू-मनाली हाईवे जाम की चेतावनी

पठानकोट 

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाए जा रहे एंट्री टैक्स के विरोध में अब आंदोलन का स्वर और तेज हो गया है। इस मुद्दे को लेकर पहले प्रदर्शन और धरनों के बाद अब निहंग सिंहों ने गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर "खालसा राज टैक्स" के नाम से राशि एकत्र करनी शुरू कर दी है। इस कदम ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच चल रहे एंट्री टैक्स विवाद को नई चर्चा में ला दिया है।

निहंग सिंहों का कहना है कि हिमाचल नंबर वाले वाहनों से किसी प्रकार का अनिवार्य शुल्क नहीं लिया जा रहा, बल्कि वाहन चालक अपनी इच्छा से जो भी राशि देना चाहते हैं, उसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन चालक पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा और पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर चल रही है।

तरना दल के निहंग अच्छर सिंह ने कहा कि कार समेत छोटी गाड़ियों से 100 रुपए, छोटे कॉमर्शियल वाहनों से 200 रुपए और बड़ी गाड़ियों से 300 से 500 रुपए की वसूली की जा रही है। इसके अलावा दोपहर 3 बजे तक इसी हाईवे पर गांव मोड़ा के पास रोड भी जाम की जाएगी।

इस तरह के टैक्स को गैरकानूनी बताने के सवाल पर निहंग अच्छर सिंह ने कहा कि यह पैसा सरबत के भले के लिए यूज होगा। हम किसी से जोर जबरदस्ती नहीं करेंगे। निहंग ने कहा कि NHAI जो टैक्स लेती है, उसके जरिए रोड बनाकर देती है। उससे हमें कोई नुकसान नहीं है। मगर, हिमाचल सरकार गुंडा टैक्स ले रही है।

उन्होंने हिमाचल और पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि अगर उन्हें रोकने की कोशिश की गई तो फिर वह पूरी तैयारी से आएं क्योंकि हम भी संघर्ष के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

एंट्री टैक्स के विरोध में प्रतीकत्मक कदम
निहंग सिंहों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि हिमाचल सरकार द्वारा लगाए गए एंट्री टैक्स के विरोध में यह प्रतीकात्मक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग सरबत के भले और सामाजिक कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों का विरोध किया जाना जरूरी है।

गौरतलब है कि दो दिन पहले विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने भी गड़ा मोड़ा टोल प्लाजा पर एंट्री टैक्स के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा था। प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टैक्स व्यवस्था को वापस लेने की मांग की थी।

फैसला वापस लेने की रखी मांग
इसी प्रदर्शन के दौरान निहंग सिंहों ने घोषणा की थी कि यदि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स वापस नहीं लिया तो वे खालसा राज टैक्स वसूली अभियान शुरू करेंगे। अब उस घोषणा को अमल में लाते हुए उन्होंने टोल प्लाजा पर अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एंट्री टैक्स के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं और दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

निहंग सिंहों ने दी चेतावनी
निहंग सिंहों ने चेतावनी दी है कि यदि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उनका विरोध और तेज किया जाएगा। दूसरी ओर, एंट्री टैक्स को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच बातचीत और आंदोलन की दिशा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

हिमाचल के टैक्स से जुड़ा ये विवाद क्या है, जानिए:-
अगर कोई व्यक्ति किसी भी पॉइंट से हिमाचल में एंट्री करता है तो उससे एंट्री टैक्स वसूला जाता है। हालांकि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि 1975 में हिमाचल प्रदेश टोल्स एक्ट के तहत यह व्यवस्था की गई है।

    पहले 2025 में बढोतरी हुई: साल वर्ष 2025 में हिमाचल सरकार ने इन टैक्स की दरों में मामूली बढ़ोतरी की थी, 1 अप्रैल 2025 को निजी और व्यावसायिक चार पहिया वाहनों पर लगभग ₹10 की वृद्धि तथा कुछ व्यावसायिक वाहनों पर ₹20 तक की बढ़ोतरी हुई। जिसमें कार/जीप/वैन से ₹70, 6-12 सीट वाहन से ₹110, ट्रैक्टर से ₹70 और भारी वाहन से ₹720 लेने का प्रस्ताव पास किया गया।

    फरवरी 2026 में रेट और बढ़ा दिए: इसके बाद फरवरी 2026 में सरकार ने एक नई टोल नीति जारी करते हुए कई श्रेणियों के वाहनों पर भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया। प्रस्तावित दरों के अनुसार निजी कारों और जीपों पर लगने वाला शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये करने की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा ट्रैक्टर, टैक्सी और मालवाहक वाहनों पर भी टैक्स में बढ़ोतरी कर दी गई। इसके बाद कार/जीप/वैन का टैक्स ₹70 से बढ़ाकर ₹170, 6-12 सीट वाहन के ₹110 से बढ़ाकर ₹130-170 (श्रेणी अनुसार), ट्रैक्टर के ₹70 से बढ़ाकर ₹100 और भारी वाहनों के ₹720 से बढ़ाकर ₹900 तक कर दिए।

    पंजाब-हरियाणा में विरोध के बाद रेट घटाए: हिमाचल सरकार के इअस फैसले का जबरदस्त विरोध होने लगा। सबसे ज्यादा विरोध पंजाब और हरियाणा में देखने को मिला क्योंकि हिमाचल में ज्यादा टूरिस्ट और ट्रांसपोर्टर्स यहीं से आते-जाते हैं। इसके विरोध में प्रदर्शन भी हुए। तब हिमाचल सरकार ने तर्क दिया कि पहाड़ी राज्य में सड़क नेटवर्क के रखरखाव और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त इनकम की आवश्यकता है और यह टैक्स इसी मकसद से लिया जाता है।

सीएम सुक्खू के दखल के बाद घटे रेट: विवाद बढ़ने पर 31 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को हस्तक्षेप करना पड़ा। सरकार ने निजी कारों और कुछ यात्री वाहनों पर प्रस्तावित बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा की। इसके बावजूद एंट्री टैक्स को लेकर पंजाब और हिमाचल के बीच राजनीतिक बहस जारी रही। मौजूदा वक्त में कार/जीप/वैन के 100 रुपए, 6-12 सीट वाहन के 130 रुपए, ट्रैक्टर के 100 रुपए ओर भारी वाहनों के 800 रुपए तक लिए जा रहे हैं।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports