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मुआवजा घोटाले की रकम शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लगाई, ED ने कारोबारी पर कसा शिकंजा

रायपुर  भारतमाला हाईवे भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है और जय प्रकास गांधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी को 3 जून 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया है. जय प्रकाश छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर का निवासी हैं।  ED ने यह जांच…

मुआवजा घोटाले की रकम शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लगाई, ED ने कारोबारी पर कसा शिकंजा

रायपुर 

भारतमाला हाईवे भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है और जय प्रकास गांधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी को 3 जून 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया है. जय प्रकाश छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर का निवासी हैं। 

ED ने यह जांच छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (Economic Corridor) के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के वितरण में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है। 

हाईवे क्षेत्र में आने वाली भूमि को छोटे क्षेत्रों में किया विभाजित
जांच में सामने आया कि जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ लोक सेवकों के साथ मिलकर अधिसूचित हाईवे क्षेत्र में आने वाली भूमि को जानबूझकर 500 वर्ग मीटर से कम आकार के छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित किया. आरोप है कि यह कदम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से अधिक मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया था। 

ईडी ने आरोपी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत 3 जून को गिरफ्तार किया।मामले में करोड़ों रुपए के मुआवजा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी है। वहीं, कारोबारी पर आरोप है कि उसने 56 लाख की जमीन पर 9.83 करोड़ का मुआवजा लिया और घोटाले से मिले पैसे को छिपाने के लिए उसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

ACB/EOW की दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच
ईडी की जांच छत्तीसगढ़ ACB/EOW की दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है।

अफसरों के साथ मिलकर रची साजिश
जांच एजेंसी के मुताबिक जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ अफसरों के साथ मिलकर साजिश रची।

आरोप है कि हाईवे अलाइनमेंट में आने वाली भूमि को खरीदने के बाद उसे 500 वर्गमीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि एनएचएआई से अधिक दर पर मुआवजा मिल सके।

9 करोड़ 83 लाख हासिल किया
ईडी के मुताबिक इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी और उसके परिवार ने करीब 9 करोड़ 83 लाख रुपए का मुआवजा हासिल किया।

जबकि नियमों के अनुसार उन्हें केवल 56 लाख 76 हजार रुपए ही मिलने थे। जांच में सामने आया है कि इस तरह लगभग 9 करोड़ 27 लाख रुपए की अवैध आय अर्जित की गई।

शेयर बाजार-म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किए पैसे
जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से मिले पैसे को छिपाने के लिए उसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को ईडी ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत जब्त किए गए थे।

गिरफ्तार आरोपी को विशेष पीएमएलए न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से ईडी को तीन दिन की रिमांड मिली है। एजेंसी अब इस मामले में अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

जानिए कैसे हुआ घोटाला ?
भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया।

इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था।

शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है।

9.27 करोड़ रुपए की अर्जित की अवैध आय
ED के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी और उसके परिवार ने लगभग 9.83 करोड़ रुपए का मुआवजा प्राप्त किया, जबकि वैध रूप से देय राशि केवल 56.76 लाख रुपए थी. इस प्रकार लगभग 9.27 करोड़ रुपए की अवैध आय अर्जित की गई.

जांच में यह भी पता चला है कि इस अवैध धन को शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर छिपाने और वैध दिखाने की कोशिश की गई. इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को ED ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य बरामद कर जब्त किए गए थे। 

कोर्ट ने आरोपी को 3 दिन की हिरासत में भेजा
गिरफ्तार आरोपी जय प्रकाश गांधी को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे तीन दिन की ED हिरासत में भेज दिया. ED ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और इस साजिश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों तथा लोक सेवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 

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