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इकॉनोमिक कॉरिडोर को मंजूरी, बैतूल-खंडवा-जुलवानिया हाईवे से बढ़ेगी कनेक्टिविटी और कारोबार

खंडवा खंडवा जिला इकॉनामिक कॉरिडोर के रूप में जल्द ही विकसित होने वाला है। बुधवार को नेशनल हाईवे 347बी हैवारखेड़ी (बैतूल) से जुलवानिया (बड़वानी) तक 233.653 किमी हाईवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंजूरी दे दी है। इस रोड की कुल लागत इसकी कुल लागत 4415.60…

इकॉनोमिक कॉरिडोर को मंजूरी, बैतूल-खंडवा-जुलवानिया हाईवे से बढ़ेगी कनेक्टिविटी और कारोबार

खंडवा
खंडवा जिला इकॉनामिक कॉरिडोर के रूप में जल्द ही विकसित होने वाला है। बुधवार को नेशनल हाईवे 347बी हैवारखेड़ी (बैतूल) से जुलवानिया (बड़वानी) तक 233.653 किमी हाईवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंजूरी दे दी है। इस रोड की कुल लागत इसकी कुल लागत 4415.60 करोड़ की है। पहले पांच चरण में बनने वाला नेशनल हाईवे अब दो पैकेज में बनेगा। इस हाईवे के निर्माण से खंडवा सीधे गुजरात और महाराष्ट्र से जुड़ जाएगा।

कैबिनेट में दो पैकेज में किया रोड
एनएच-347बी पहले पांच चरणों में बनाया जाना था। इसमें हैवारखेड़ी से रोशनी, रोशनी से आशापुर, आशापुर से रूधि, रूधि से देशगांव और देशगांव से जुलवानिया तक रोड शामिल है। अब कैबिनेट ने इसे दो पैकेज में कर दिया है। इसमें हैवारखेड़ी से व्हाया रोशनी-आशापुर-रूधि तक कुल 125.01 किमी का रोड टू-लेन को पेव्ड शोल्डर स्टैंडर्ड (पक्की पटरी) के साथ बनाया जाएगा। इसमें 70.39 किमी का बायपास भी रहेगा। इसके आगे देशगांव-रूधि बायपास 28.680 किमी का काम पहले से ही चल रहा है, जो लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

देशगांव-जुलवानिया अब फोरलेन
कैबिनेट ने एनएच-347बी के दूसरे पैकेज में देशगांव-जुलवानिया सेक्शन में 108.643 किमी रोड को मंजूरी दी है। इस रोड को पहले टू-लेन बनाया जाना था, लेकिन केबिनेट ने इसे अब अपग्रेड करते हुए फोर-लेन बनाने की स्वीकृति दी है। इस रोड पर 54.273 किमी का बायपास आ रहा है। साथ ही इसमें खरगोन जिले में 16.20 किमी का ग्रीन फिल्ड भी शामिल है। ग्रीन फिल्ड में वन विभाग और खेती की जमीन अधिग्रहण करने की कार्रवाई की जाएगी। नेशनल हाईवे हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर बनाया जाएगा।

खंडवा बनेगा दो नेशनल हाईवे का सेंटर
एनएचएआइ द्वारा पहले ही इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे फोरलेन का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही बैतूल-खंडवा-बड़ोदरा का काम भी चल रहा है। खंडवा का देशगांव दो नेशनल हाईवे का क्रॉसिंग बन रहा है। दो नेशनल हाईवे के सेंटर में आने से खंडवा का इकानोनिक कॉरिडोर भी मजबूत होगा। बैतूल से आगे ये हाईवे नागपुर से जुड़ा हुआ है। खंडवा से नागपुर, बड़ोदरा के साथ सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। इधर इंदौर-इच्छापुर हाईवे से खंडवा सीधे राजस्थान और महाराष्ट्र के मुक्तईनगर से आगे तेलंगाना से जुड़ जाएगा।

आर्थिक, सामाजिक, लॉजिस्टिक्स केंद्रों को कनेक्टिविटी
यह परियोजना पूरे राज्य के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को बिना रुकावट कनेक्टिविटी देगी। यह उन्नत कॉरिडोर 06 पीएम गति-शक्ति आर्थिक केंद्रों से जुड़ेगा, जिनमें एक टेक्सटाइल क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क, एक औद्योगिक पार्क और दो सुपर थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं। परियोजना 5 सामाजिक केंद्रों को भी एकीकृत करेगी, जिनमें खंडवा और बड़वानी जैसे दो आकांक्षी जिले, साथ ही बैतूल, खंडवा और खरगोन जैसे तीन आदिवासी जिले शामिल हैं। इसके अलावा, दो बड़े रेलवे स्टेशन, दो हवाई अड्डे और एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क सहित 5 लॉजिस्टिक्स केंद्र भी इस कॉरिडोर से जुड़ेंगे।

व्यापार उद्योग को मिलेगी हाइट
बैतूल-खंडवा-बड़ोदरा नेशनल हाईवे को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसमें रूधि-देशगांव और रोशनी-आशापुर के बीच काम चल रहा है। देशगांव जुलवानिया और हैवारखेड़ी-रोशनी के बीच भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। नेशनल हाईवे से इकॉनोमिक कॉरिडोर बनेगा और यहां व्यापार-उद्योग को हाइट मिलेगी।
आशुतोष सोनी, परियोजना निदेशक एनएचएआइ

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