समुद्री बारूदी सुरंग हटाने वाला MH-53E हेलीकॉप्टर, अमेरिका में रिटायरमेंट की तैयारी

 नई दिल्ली  मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सामने आया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछा रखी हैं, लेकिन अमेरिका ने भी दावा किया कि वो इन बारूदी सुरंगों का लगातार खात्मा कर रहा है और जलमार्ग को सुरक्षित बना रहा है। US नौसेना का इन बारूदी सुरंगों का खात्मा करने वाला…

समुद्री बारूदी सुरंग हटाने वाला MH-53E हेलीकॉप्टर, अमेरिका में रिटायरमेंट की तैयारी

 नई दिल्ली
 मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सामने आया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछा रखी हैं, लेकिन अमेरिका ने भी दावा किया कि वो इन बारूदी सुरंगों का लगातार खात्मा कर रहा है और जलमार्ग को सुरक्षित बना रहा है।

US नौसेना का इन बारूदी सुरंगों का खात्मा करने वाला ऐसा ही एयरक्राफ्ट इस समय चर्चा में है, जो कि अब अपनी 40 साल की सर्विस के बाद रिटायर किया जा सकता है

MH-53E सी ड्रैगन
US नेवी का MH-53E सी ड्रैगन एक विशाल हेलीकॉप्टर है, जो कि करीब चार दशकों से 'एयरबोर्न माइन काउंटरमेजर' (हवा से समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने वाले) प्लेटफॉर्म के तौर पर काम कर रहा है।

यह हेलीकॉप्टर कमर्शियल शिपिंग और मिलिट्री जहाजों के लिए खतरा बनने वाली समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) का पता लगाने, उन्हें हटाने और बेअसर करने में सक्षम है।

यह एयरक्राफ्ट एडवांस्ड सेंसर और माइन काउंटरमेजर सिस्टम का इस्तेमाल करके पानी के नीचे मौजूद माइन्स का पता लगा सकता है और माइनफील्ड्स को साफ कर सकता है और माइन्स को बेअसर करने के ऑपरेशन में मदद कर सकता है।

यह हेलीकॉप्टर पानी में बड़े माइन-हंटिंग स्लेज को खींचकर कई समुद्री जहाजों की तुलना में बहुत तेजी से बड़े इलाकों में खोज और सफाई का काम कर सकता है।

'सी ड्रैगन' (Sea Dragon) की इसी क्षमता ने इसे दुनिया के सबसे खास और असरदार एयरबोर्न माइन-क्लियरिंग प्लेटफॉर्म में से एक बना दिया है।

क्या-क्या काम कर सकता है ये शक्तिशाली हेलीकॉप्टर?
MH-53E अमेरिकी सेना के अब तक के सबसे बड़े हेलीकॉप्टरों में से एक है। इस एयरक्राफ्ट की कुल लंबाई 99 फीट है, जबकि इसकी बॉडी ही 73 फीट से ज्यादा लंबी है। 28 फीट से ज्यादा ऊंचे इस हेलीकॉप्टर का अधिकतम वजन करीब 70,000 पाउंड है।

इस हेलीकॉप्टर को तीन जनरल इलेक्ट्रिक T64-GE-419 टर्बोशाफ्ट इंजन से पावर मिलती है, जिनमें से हर एक लगभग 4,750 शाफ्ट हॉर्सपावर पैदा करता है। ये इंजन एयरक्राफ्ट को भारी पेलोड ले जाते समय या खास माइन काउंटरमेजर सिस्टम खींचते समय लगभग 150 नॉट्स (यानी करीब 278 किलोमीटर प्रति घंटा) की रफ्तार से उड़ने में मदद करते हैं।

MH-53E सी ड्रैगन माइन वॉरफेयर के अलावा, भारी सामान उठाने और वर्टिकल ऑनबोर्ड डिलीवरी (VOD) जैसे मिशन भी पूरे करता है। यह हेलीकॉप्टर जहाजों और तट पर बने ठिकानों के बीच सैनिकों, गाड़ियों, उपकरणों और जरूरी सामान को लाने-ले जाने में भी सक्षम है।

US नेवी क्यों कर रही MH-53E को रिटायर?
अपनी खास क्षमताओं के बावजूद, 'सी ड्रैगन' को US नेवी धीरे-धीरे हटाती जा रहा है, क्योंकि नेवी अपनी माइन वॉरफेयर फोर्स (समुद्री बारूदी सुरंगों से निपटने वाली फोर्स) में बड़े बदलाव कर रही है।

नेवी की योजना है कि MH-53E जो भी काम करता था, अब इसके कई कामों को MH-60S सीहॉक हेलीकॉप्टर से कराया जाए, जिन्हें एडवांस्ड माइन काउंटरमेजर सिस्टम, बिना क्रू वाले अंडरवॉटर व्हीकल और बिना क्रू वाले सरफेस वेसल का सपोर्ट मिले।

US नौसेना में यह बदलाव दिखाता है कि अब सेना ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी और डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेशन पर ज्यादा ध्यान दे रही है।

सी-ड्रैगन को रिटायर करने पर विवाद
US नौसेना में इस बदलाव को लेकर भी विवाद सामने आ रहा है। कुछ डिफेंस एनालिस्ट और पुराने ऑपरेटर्स ने सवाल उठाया है कि क्या नए सिस्टम, बड़े संघर्ष के दौरान 'सी ड्रैगन' की तरह तेजी से बड़े माइनफील्ड (बारूदी सुरंगों वाले इलाके) को साफ करने की क्षमता की बराबरी कर पाएंगे या नहीं।

रिटायरमेंट के करीब होने के बावजूद, MH-53E अब तक बने सबसे काबिल एयरबोर्न माइन काउंटरमेजर प्लेटफॉर्म में से एक है। अमेरिका के साथ ही बाकी कई देशों के लिए भी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे जलमार्ग में बिछी नेवल माइन्स (समुद्री बारूदी सुरंगें) ग्लोबल शिपिंग और मिलिट्री ऑपरेशन के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं।

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