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चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश नाकाम, बम धमकी मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा

चंडीगढ़. देशभर में विभिन्न संस्थानों को भेजी जा रही बम धमकियों की जांच में गिरफ्तार बांग्लादेश मूल के आरोपित सौरव विश्वास से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चंडीगढ़ पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइक, कमेंट, फॉलो, शेयर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए टेलीग्राम के जरिये…

चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश नाकाम, बम धमकी मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा

चंडीगढ़.

देशभर में विभिन्न संस्थानों को भेजी जा रही बम धमकियों की जांच में गिरफ्तार बांग्लादेश मूल के आरोपित सौरव विश्वास से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। चंडीगढ़ पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइक, कमेंट, फॉलो, शेयर और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए टेलीग्राम के जरिये किसी अज्ञात व्यक्ति से करीब 300 पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी थीं।

इन आईडी का इस्तेमाल कर बाद में आरोपित ने 219 ई-मेल आईडी बांग्लादेश में एक व्यक्ति को बेच दीं। सूत्रों के अनुसार अब इन्हीं ई-मेल आईडी से देशभर में बम से उड़ाने की धमकियां भेजी जा रही है। सौरव विश्वास वर्ष 2017 में एक ब्रोकर की मदद से अवैध तरीके से जंगल के रास्ते से भारत में दाखिल हुआ था।

भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा
भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में रहने लगा। शुरुआती दिनों में उसने करीब दो महीने तक मजदूरी की। इसके बाद वह एक साइबर कैफे में काम करने लगा, जहां से उसे इंटरनेट और तकनीकी गतिविधियों की जानकारी मिली। साइबर कैफे की नौकरी छोड़ने के बाद आरोपित ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया और उस पर थ्री-डी एनिमेशन वीडियो अपलोड करने लगा। चैनल को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उसने टेलीग्राम के माध्यम से पुरानी और डीएक्टिवेट ई-मेल आईडी खरीदी ।
जांच में सामने आया है कि वह एक-एक ई-मेल आईडी का पासवर्ड जनरेट कर उसे सक्रिय करता था और फिर उन्हीं आईडी के माध्यम से अपने यूट्यूब और फेसबुक चैनल पर लाइक, कमेंट और सब्सक्रिप्शन बढ़ाता था। इस तरीके से आरोपित का यूट्यूब चैनल तेजी से बढ़ा और उसके करीब पांच लाख सब्सक्राइबर हो गए। इसके बाद उसने डिजिटल मार्केटिंग का काम भी शुरू कर दिया और फेसबुक विज्ञापन तैयार करने सहित अन्य ऑनलाइन प्रचार गतिविधियों से जुड़ गया। इससे उसकी आय भी बढ़ने लगी थी। हालांकि बाद में कॉपीराइट के कारण उसका यूट्यूब चेनल बंद हो गया।

ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में रखा था
जांच में सामने आया है कि आरोपित ने खरीदी और बेची गई ई-मेल आईडी का पूरा रिकॉर्ड एक्सेल शीट में तैयार कर रखा था। सूत्रों के अनुसार गुजरात पुलिस को सबसे पहले आरोपित से जुड़ा महत्वपूर्ण सुराग मिला था। इसके बाद पुलिस ने टेलीग्राम पर उससे संपर्क किया और ई-मेल आईडी खरीदने के लिए बात की। आरोपी ने गुजरात पुलिस को आम व्यक्ति समझकर एक्सेल शीट भेज दी। एक्सेल शीट देखते ही पुलिस को पता चला कि जिन ईमेल से बम धमकियां दी जा रही हैं, वह सौरव ने ही बेची हैं। जिसके बाद तकनीकी जांच, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपित तक पहुंच गई।

145 यूएसडीटी में बेचीं 219 ई-मेल आईडी
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित ने अपने पास मौजूद 219 ई-मेल आईडी टेलीग्राम के माध्यम से बांग्लादेश में रहने वाले मामुनुर राशिद नामक व्यक्ति को बेच दी थीं। सूत्रों के अनुसार यह सौदा 145 यूएसडीटी में हुआ था। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 13 हजार रुपये बैठती है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन्हीं ई-मेल आईडी का इस्तेमाल बाद में बम धमकी वाले ई-मेल भेजने में किया गया। सूत्रों के अनुसार जिन ई-मेल आईडी को आरोपित ने बेचा था, उनका इस्तेमाल विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे संदेश भेजने में किया गया। चंडीगढ़ और मोहाली में भी स्कूलों और अदालतों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, मेयर कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय, डाकघर, सचिवालय और अन्य संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।

तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन हुए बरामद
गुजरात पुलिस ने आरोपित के कब्जे से तीन लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। इन उपकरणों की जांच के दौरान ई-मेल आईडी से संबंधित डेटा भी मिला। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि जिन ई-मेल आईडी से धमकी भरे संदेश भेजे गए, वह आरोपित सौरव विश्वास ने ही बेची हुई है।

दिल्ली और अमृतसर पुलिस भी कर चुकी पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद आरोपित गुजरात पुलिस की हिरासत में था। इसी दौरान चंडीगढ़ पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने पहुंची, लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस उसे अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस की पूछताछ के बाद आरोपित को अमृतसर पुलिस ने भी पूछताछ के लिए लिया। बाद में उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर आरोपित को चंडीगढ़ लाकर पूछताछ की। शहर में सेक्टर-17 और सेक्टर-3 थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग एफआईआर में उससे पूछताछ हुई। पहले सेक्टर-17 थाना पुलिस ने पूछताछ की और बाद में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद शुक्रवार को आरोपित को दोबारा तिहाड़ जेल भेज दिया गया। बिस्वास को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 1 मार्च को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश , गुजरात और महाराष्ट्र में ईमेल से बम धमकियां आ चुकी हैं।

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