,

फर्जी सिम के सहारे करोड़ों की ठगी! पंजाब में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़

लुधियाना. एनफोर्समैंट डायरैक्टोरेट (ई.डी.) ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े मामले में पंजाब के लुधियाना सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों में व्यापक कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पी.एम.एल.ए.) के तहत की गई। ईडी अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 जून को लुधियाना, किशनगढ़…

फर्जी सिम के सहारे करोड़ों की ठगी! पंजाब में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़

लुधियाना.

एनफोर्समैंट डायरैक्टोरेट (ई.डी.) ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े मामले में पंजाब के लुधियाना सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों में व्यापक कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पी.एम.एल.ए.) के तहत की गई।

ईडी अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 जून को लुधियाना, किशनगढ़ (अजमेर), नागौर और जोधपुर में कुल 7 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया। जांच एक ऐसे साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़ी है, जिसमें भारतीय मोबाइल नंबरों को फर्जी तरीके से सक्रिय कर मलेशियाई नागरिकों को उपलब्ध कराया गया था। बाद में इन नंबरों का इस्तेमाल कंबोडिया से संचालित साइबर ठगी के लिए किया गया।

ई.डी. की जांच में सामने आया कि पॉइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.) संचालकों द्वारा बड़ी संख्या में सिम कार्डों का दुरुपयोग किया गया। जांच एजैंसी के अनुसार हजारों भारतीय मोबाइल नंबरों को सक्रिय कर विदेश भेजा गया जिनका उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया गया।

जांच के दौरान लगभग 2.30 लाख मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। इनमें से करीब 36 हजार सिम कार्ड कंबोडिया में सक्रिय पाए गए, जबकि लगभग 5,300 नंबर विभिन्न साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल होने के संकेत मिले। एजैंसी का अनुमान है कि इस नेटवर्क के कारण देशभर में सैकड़ों करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports