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सीयू स्कॉलर समिट-2026 का भव्य समापन, 1500 मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान

उन्नाव/लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में शिक्षा, नवाचार और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय सीयू स्कॉलर समिट-2026 का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में…

सीयू स्कॉलर समिट-2026 का भव्य समापन, 1500 मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान

उन्नाव/लखनऊ, 

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में शिक्षा, नवाचार और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय सीयू स्कॉलर समिट-2026 का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए 1500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

उन्नाव स्थित परिसर में आयोजित इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय रहे। उनके साथ राज्यसभा सांसद एवं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू, कुलपति प्रो. (डॉ.) विनीत कुमार नायर, प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह समेत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

योगी सरकार में यूपी बन रहा उच्च शिक्षा का हब

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों की उपस्थिति प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश सरकार शिक्षा को तकनीक, रोजगार और संस्कारों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रस्तुत शोध मॉडल और तकनीकी परियोजनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि भारत का युवा केवल ज्ञान अर्जित नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के समाधान भी तैयार कर रहा है। फुटप्रिंट्स से बिजली उत्पादन जैसी अभिनव अवधारणाएं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

50 करोड़ की स्कॉलरशिप से मेधाओं को मिल रही नई उड़ान

विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आयोजित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) के माध्यम से 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की गई है। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।

इन्हीं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित सीयू स्कॉलर समिट में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को दूर कर प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

सीयूसीईटी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मिशन

राज्यसभा सांसद एवं चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सीयूसीईटी केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं बल्कि प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने का एक राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य विद्यार्थी को आर्थिक कारणों से अपने सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय ने व्यापक स्कॉलरशिप कार्यक्रम शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के सपने वैश्विक हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी दुनिया को बदल रहा है। आने वाले समय में तकनीक इतनी सक्षम होगी कि एक व्यक्ति स्वयं एक पूरी कंपनी संचालित कर सकेगा। ऐसे में विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं बल्कि ऐसे भविष्य के नेता तैयार करना है जो एआई और उभरती तकनीकों के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकें।

एआई और नई तकनीकों पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में देश के कई प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अमन गुप्ता (को-फाउंडर, बोट), डॉ. शैलेश कुमार (रिलायंस जियो), अस्वथी वेणुगोपाल (कॉग्निजेंट), अर्पित त्रिवेदी (हिताची सिस्टम्स इंडिया) सहित कई विशेषज्ञों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, डेटा साइंस, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और भविष्य के करियर अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
इसके अलावा अभिनेता एवं गायक अपारशक्ति खुराना, गायिका असीस कौर तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

इनोवेशन, स्किल और ग्लोबल एक्सपोजर पर फोकस

विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल स्किल्स, समस्या समाधान क्षमता, नवाचार सोच और नई तकनीकों की समझ विकसित करनी होगी। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में एआई और डिजिटल तकनीक लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करेंगी, इसलिए जो विद्यार्थी समय के साथ स्वयं को अपडेट रखेंगे, उनके लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर अधिक होंगे।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहराया कि देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा, इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, वैश्विक अवसर और नवाचार आधारित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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