नई दिल्ली
मेक्सिको ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की विजयी शुरुआत की। मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से मात दी। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा एक 17 साल का खिलाड़ी गिलबर्टो मोरा बटोर ले गया।
गिलबर्टो मोरा ने मैदान पर उतरते ही इतिहास के पन्नों को पलट दिया और वर्ल्ड कप मैच खेलने वाले सबसे युवा मेक्सिकन फुटबॉलर बन गए। इसी के साथ मोरा ने 96 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
मोरा मैच के 65वें मिनट में मैदान पर उतरे। तब मेक्सिको की टीम 1-0 से आगे थी। दो मिनट बाद ही जेमिनेज के गोल के दम पर मेक्सिको ने अपनी बढ़त 2-0 कर ली। यही मैच का निर्णायक स्कोर भी साबित हुआ। मोरा से पहले 1930 में मेनुअल रोसास ने मेक्सिको के लिए सबसे युवा डेब्यूटेंट की भूमिका निभाई थी।
वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले मेक्सिको के सबसे युवा खिलाड़ी
गिलबर्टो मोरा – 17 साल, 240 दिन (बनाम साउथ अफ्रीका, 2026)
मेनुअल रोसास – 18 साल, 134 दिन (बनाम फ्रांस 1930)
अलफ्रडो टोरेस – 19 साल, 16 दिन (बनाम ऑस्ट्रिया 1954)
रउल अरेलानो – 19 साल, 108 दिन (बनाम फ्रांस 1954)
आंद्रेस गार्डाडो – 19 साल, 269 दिन (बनाम ईरान, 2006)
ह्युगो सांचेज – 19 साल, 326 दिन (बनाम ट्यूनीशिया, 1978)
कौन हैं गिलबर्टो मोरा?
मोरा ने बहुत जल्द अपनी चमक बिखेरी। चियापास में जन्में मिडफील्डर को क्लब तिजुआना यूथ एकेडमी से पहचान मिली। उन्होंने बहुत जल्द पहली टीम में अपनी जगह पक्की की। 17 साल की उम्र में मोरा के पास 50 से ज्यादा सीनियर मैच खेलने का अनुभव हासिल है।
मोरा की लगातार तरक्की से कोच जेवियर एगुएरे प्रभावित हुए और उन्हें वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल किया। मोरा ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक दिखाई और मेक्सिको सीनियर नेशनल टीम में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। मोरा को फीफा ने टूर्नामेंट में सबसे शानदार युवाओं में से एक करार दिया।
















