नई दिल्ली
न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज केन विलियमसन ने शुक्रवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। 35 वर्षीय पूर्व कीवी कप्तान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से तत्काल प्रभाव से रिटायर हो गए हैं। इसके साथ ही उनके 16 साल लंबे सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत हो गया है। केन विलियमसन की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम ने आईसीसी के कई टूर्नामेंट्स में फाइनल तक का सफर तय किया था। उनके नेतृत्व में ही न्यूजीलैंड की टीम ने भारत को हराकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था।
सीरीज के बीच से संन्यास का ऐलान
केन विलियमसन का ये निर्णय न्यूजीलैंड के इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के दौरान आया है, जहां न्यूजीलैंड की टीम लॉर्ड्स टेस्ट हारने के बाद सीरीज में 0-1 से पीछे चल रही है। इसके साथ ही न्यूजीलैंड क्रिकेट में तीनों प्रारूपों में एक युग का अंत हो गया । विलियमसन ने 2025 में ही टी20 प्रारूप से संन्यास ले लिया था।
35 वर्ष के विलियमसन ने न्यूजीलैंड के लिये अलग-अलग प्रारूपों में 19346 रन बनाये हैं, जिनमें टेस्ट क्रिकेट में 33 शतक और छह दोहरे शतक समेत 9500 से अधिक रन हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा ,'' हमारे महानतम खिलाड़ियों में से एक विदा हो रहा है । केन विलियमसन ने त्वरित प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला किया है।'' विलियमसन इस समय इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं जिसमें न्यूजीलैंड पहला मैच 115 रन से हार गई थी।
न्यूजीलैंड के सबसे सफल कप्तान
केन विलियमसन ने 2016 से 2024 के बीच तीनों फॉर्मेट में न्यूजीलैंड की टीम की कप्तानी की थी। उनके नेतृत्व में न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने इतिहास का सबसे स्वर्णिम दौर देखा। विलियमसन की कप्तानी में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर पहली आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके अलावा उनकी कप्तानी में टीम ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल, 2021 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल और तीन अन्य आईसीसी सेमीफाइनल में पहुंची।
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, ''विलियमसन की यह घोषणा उनके 16 साल के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत करती है, जिस दौरान उन्होंने अपने देश के लिए 378 मैच खेले। अनगिनत बल्लेबाजी रिकॉर्ड बनाए और क्रिकेट जगत का पूरा सम्मान और प्रशंसा अर्जित की।''
विलियमसन ने संन्यास पर कहा
विलियमसन ने न्यूजीलैंड क्रिकेट द्वारा जारी बयान में कहा, ''मैंने इस बारे में काफी समय से सोचा था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में मुझे साफ हो गया कि अब सही समय आ गया है। मैंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए एक मजबूत प्रेरणा और भूख महसूस की है, और मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने न्यूजीलैंड के लिए खेले हर मैच में अपना सब कुछ झोंक दिया। उन्होंने कहा ,'' इससे कम पर खेलते रहना सही नहीं होगा और मैं खुशकिस्मत हूं कि अपने हिसाब से मैने यह फैसला लिया है ।''
















