चंडीगढ़.
आने वाले समय में स्मार्टसिटी का पार्किंग सिस्टम बदल सकता है। इसमें देरी हो सकती है, लेकिन इस आइडिया पर काम शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में मेयर सौरभ जोशी ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई दिल्ली स्थित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर विकसित मल्टीलेवल रोबोटिक पार्किंग सुविधा का दौरा किया और वहां की कार्यप्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया।
मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव और सीमित शहरी भूमि को देखते हुए आधुनिक पार्किंग प्रबंधन समय की आवश्यकता बन गया है। दिल्ली में स्थापित रोबोटिक पार्किंग सिस्टम अत्याधुनिक तकनीक का उदाहरण है, जहां वाहन चालक को पार्किंग के लिए अलग से जगह तलाशने की आवश्यकता नहीं पड़ती। वाहन को एक निर्धारित प्लेटफार्म पर खड़ा करने के बाद पूरी प्रक्रिया स्वचालित रूप से संचालित होती है और वाहन सुरक्षित रूप से निर्धारित स्थान पर पहुंच जाता है। पार्किंग के अलग-अलग तल पर लिफ्ट के जरिए कार खाली जगह पर पहुंचकर पार्क हो जाती है।
उन्होंने बताया कि ऐसे समाधान न केवल कम जगह में अधिक वाहनों की पार्किंग संभव बनाते हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम कम करने, ईंधन की बचत करने और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चंडीगढ़ में भी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट पार्किंग मॉडल विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नगर निगम शहर के विभिन्न व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर स्मार्ट पार्किंग प्रणाली लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है। इसके अलावा, शहर में कई नई मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, ताकि पार्किंग संकट का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध शहर है चंडीगढ़
मेयर ने कहा कि चंडीगढ़ की पहचान सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध शहर के रूप में है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देख अब तकनीक आधारित समाधान अपनाना जरूरी हो गया है। दिल्ली की रोबोटिक पार्किंग प्रणाली का अध्ययन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राप्त अनुभव और तकनीकी जानकारी का उपयोग चंडीगढ़ में बेहतर पार्किंग ढांचा विकसित करने में किया जाएगा।
जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करनी होगी
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि लक्ष्य केवल पार्किंग स्थल बढ़ाना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल शहरी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जिससे चंडीगढ़ देश के अग्रणी स्मार्ट शहरों में अपनी पहचान और मजबूत कर सके। नगर निगम अधिकारियों ने भी रोबोटिक पार्किंग प्रणाली की संचालन प्रक्रिया, रखरखाव, क्षमता, लागत और सुरक्षा मानकों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। आने वाले समय में इन पहलुओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार किया जाएगा।
















