हथेली पर सर्प रेखा का रहस्य, हस्तरेखा शास्त्र में शुभ-अशुभ संकेतों की व्याख्या

हिंदू धर्म में सांप को सिर्फ एक जीव नहीं, बल्कि पूजनीय भी माना गया है. तभी तो नाग पंचमी और महाशिवरात्रि जैसे शुभ अवसरों पर सांपों की पूजा भी होती है. ऐसा भी मान्यता है कि स्वर्ग में धन के देवता कुबेर के खजाने की रखवाली स्वयं नाग देवता करत हैं. भगवान विष्णु भी क्षीरसागर…

हथेली पर सर्प रेखा का रहस्य, हस्तरेखा शास्त्र में शुभ-अशुभ संकेतों की व्याख्या

हिंदू धर्म में सांप को सिर्फ एक जीव नहीं, बल्कि पूजनीय भी माना गया है. तभी तो नाग पंचमी और महाशिवरात्रि जैसे शुभ अवसरों पर सांपों की पूजा भी होती है. ऐसा भी मान्यता है कि स्वर्ग में धन के देवता कुबेर के खजाने की रखवाली स्वयं नाग देवता करत हैं. भगवान विष्णु भी क्षीरसागर में शेषनाग पर लेटे हुए हैं. इसी तरह हस्तरेखा शास्त्र में भी सांपों को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं गई हैं. हस्तरेखा विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी व्यक्ति की हथेली पर रेखाओं से सर्प जैसी आकृति बने तो यह सामान्य नहीं होता है. इसके पीछे कोई न कोई रहस्य छिपा होता है.

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली पर सांप की आकृति का चिह्न शुभ और अशुभ दोनों तरह के प्रभाव को उजागर करता है. इसके परिणाम अच्छे होंगे या बुरे, यह सृप रेखा के स्थान से तय होता है.  इसके लिए यह देखना जरूरी है कि उंगली के नीचे कौन से पर्वत के पास वो सृप रेखा बन रही है.

धन-वैभव का लाभ
अंगूठे के नीचे स्थान को शुक्र पर्वत कहा जाता है. यह जीवन में प्रेम, आकर्षण, वैवाहिक जीवन और भौतिक सुख-सुविधाओं को दर्शाता है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, अगर शुक्र पर्वत के पास कोई रेखा ऐसी सृप आकृति बनाए तो यह जीवन में सुख-सुविधाओं और धन-वैभव की ओर इशारा करती है. हालांकि ऐसे लोगों के वैवाहिक जीवन में अक्सर परेशानियां देखी जाती हैं.

पढ़ाई-लिखाई में तेज
तर्जनी उंगली के नीचे गुरु पर्वत होता है, जिसे ज्ञान-शिक्षा और आध्यात्मिकता का प्रतीक माना जाता है. कहते हैं कि अगर हथेली के इस स्थान पर किसी रेखा से सृप की आकृति बने तो व्यक्ति बुद्धिमान, विद्वान और बहुत गुणी बनता है. ऐसे लोग पढ़ाई-लिखाई में बहुत अच्छे होते हैं और अपने बुद्धि-कौशल के दम पर जीवन में बड़ी उपलब्धियों को हासिल करते हैं.

सांप की दो आकृतियां अशुभ
मध्यमा उंगली (मिडिल फिंगर) के नीचे स्थित शनि पर्वत भाग्य और कर्म से जुड़ा माना जाता है. इस स्थान पर सर्प का चिह्न बनने पर व्यक्ति को बड़ी धन-संपत्ति और भौतिक समृद्धि प्राप्त हो सकती है. हालांकि यदि सर्प की आकृति दोहरी हो तो इसके परिणाम विपरीत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपने संचित धन को गलत आदतों के कारण खो सकता है.

सूर्य ग्रहण जैसी स्थिति
अनामिका उंगली के नीचे स्थित सूर्य पर्वत पर सर्प की आकृति को शुभ चिह्न नहीं माना जाता है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली पर सृप की आकृति का ऐसा निशान व्यक्ति की उन्नति और सफलता में बाधा पैदा करता है. अनामिका उंगली के नीचे सांप की आकृति वाले ऐसे निशान को सूर्य ग्रहण पर ग्रहण लगने जैसा समझा जाता है.

बुद्धि-कौशल, व्यापार में लाभ
कनिष्ठा उंगली के नीचे स्थित बुध पर्वत व्यापार, बुद्धिमत्ता और संचार कौशल का प्रतिनिधित्व करता है. यदि इस स्थान पर सर्प का चिह्न हो तो व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत, दृढ़ संकल्पित माना जाता है. ऐसे लोग अपने निर्णयों पर अडिग रहते हैं. इन्हें जीवन में आगे चलकर क्या करना है. इसे लेकर ये बहुत क्लीयर रहते हैं. व्यापार या व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने की क्षमता रखते हैं.

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports