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खाद्य प्रसंस्करण में यूपी ने मारी बड़ी छलांग, महाराष्ट्र-बंगाल पीछे

लखनऊ  समृद्ध कृषि आधार और योगी आदित्यनाथ सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश आज पूरे देश में 'खाद्य प्रसंस्करण महाशक्ति' (Food Processing Powerhouse) के रूप में उभर चुका है। बेहतर बुनियादी ढांचा, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और कुशल कार्यबल की बदौलत प्रदेश में इस समय रिकॉर्ड 3,50,883 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हो रही…

खाद्य प्रसंस्करण में यूपी ने मारी बड़ी छलांग, महाराष्ट्र-बंगाल पीछे

लखनऊ
 समृद्ध कृषि आधार और योगी आदित्यनाथ सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों के दम पर उत्तर प्रदेश आज पूरे देश में 'खाद्य प्रसंस्करण महाशक्ति' (Food Processing Powerhouse) के रूप में उभर चुका है। बेहतर बुनियादी ढांचा, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और कुशल कार्यबल की बदौलत प्रदेश में इस समय रिकॉर्ड 3,50,883 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां संचालित हो रही हैं। इस ऐतिहासिक आंकड़े के साथ ही यूपी ने इस क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है, जो राज्य की बदलती औद्योगिक तस्वीर का सबसे बड़ा प्रमाण है।

3.5 लाख इकाइयों के साथ महाराष्ट्र-बंगाल को पछाड़ा
आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तर प्रदेश ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े औद्योगिक राज्यों को मीलों पीछे छोड़ दिया है। जहां यूपी में 3,50,883 इकाइयां काम कर रही हैं, वहीं पश्चिम बंगाल (3,22,590) और महाराष्ट्र (2,29,372) काफी पीछे हैं। देश की कुल 24.59 लाख इकाइयों में अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 14 से 15 प्रतिशत है। मजबूत नीतिगत समर्थन और प्रचुर कच्चे माल की उपलब्धता ने इस सेक्टर को एक नई संजीवनी दी है।

रोजगार के अवसर: 2.5 लाख से अधिक श्रमिकों को मिला काम
योगी सरकार की कृषि और उद्योग हितैषी नीतियों का सीधा असर रोजगार सृजन पर भी दिख रहा है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के इस अभूतपूर्व विस्तार से प्रदेश के 2.5 लाख से ज्यादा श्रमिकों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। चूंकि यूपी दूध, गन्ना और सब्जियों के उत्पादन में पहले से ही देश में नंबर-1 है, इसलिए इन उद्यमों को कच्चे माल की कभी कमी नहीं होती, जिससे उत्पादन और रोजगार का चक्र निर्बाध रूप से चल रहा है।

कृषि प्रधान यूपी: 9 फसलों के उत्पादन में देश का 'नंबर वन'
खाद्य प्रसंस्करण की इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय यूपी की उपजाऊ धरती को जाता है। आम, अमरूद, आलू, मटर, लौकी, सिंघाड़ा, तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च के उत्पादन में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर है। देश में उत्पादित होने वाले 336.21 लाख मीट्रिक टन आम में से 61.94 लाख मीट्रिक टन और 50.23 लाख मीट्रिक टन अमरूद में से 11.49 लाख मीट्रिक टन हिस्सा अकेले यूपी का है।

आलू और लौकी उत्पादन में बेताज बादशाह
सब्जियों के उत्पादन में यूपी का कोई सानी नहीं है। देश के कुल 598.89 लाख मीट्रिक टन आलू उत्पादन में यूपी का योगदान 250.66 लाख मीट्रिक टन है। इसी तरह, भारत में मटर के 72.38 लाख मीट्रिक टन उत्पादन में से यूपी 37.62 लाख मीट्रिक टन उगा रहा है। लौकी और सिंघाड़ा के उत्पादन में भी प्रदेश अव्वल है।

राष्ट्रीय फल-सब्जी उत्पादन में यूपी का शानदार योगदान
तरबूज, खरबूजा और शिमला मिर्च की खेती में भी यूपी के किसानों ने शानदार काम किया है। कुल मिलाकर, देशभर के 1214.75 लाख मीट्रिक टन फल उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 14.44 प्रतिशत (175.42 लाख मीट्रिक टन) है। वहीं, देश के कुल 2210 लाख मीट्रिक टन सब्जी उत्पादन में यूपी 19.73 प्रतिशत (435.93 लाख मीट्रिक टन) का योगदान दे रहा है।

 

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