अनिल अग्रवाल का मेगा प्लान, वेदांता के विभाजन से बनीं 4 नई कंपनियां; निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

 नई दिल्ली अरबपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड के डिमर्जर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इसके तहत अब चार नई कंपनियां बनी हैं, इनमें वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता पावर शामिल हैं, जिन्हें लिस्ट किया गया है. इस तहत वेदांता लिमिटेड को मिलाकर ग्रुप की…

अनिल अग्रवाल का मेगा प्लान, वेदांता के विभाजन से बनीं 4 नई कंपनियां; निवेशकों के लिए क्या है मतलब?

 नई दिल्ली
अरबपति अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड के डिमर्जर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इसके तहत अब चार नई कंपनियां बनी हैं, इनमें वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता पावर शामिल हैं, जिन्हें लिस्ट किया गया है. इस तहत वेदांता लिमिटेड को मिलाकर ग्रुप की पांच लिस्टेड कंपनियां हो गई हैं. इस मौके पर Anil Agarwal ने कहा कि भारत में बड़े अवसर मौजूद हैं और इन कंपनियों आगे बढ़कर और भी बहुत कुछ करना होगा। 

वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का कहना है कि ये सभी सेक्टर्स रोमांचक हैं और इनमें अपार संभावनाएं हैं. हम डिविडेंड देने वाली कंपनी होने और कंपनियों के लिए वैल्यू क्रिएशन को लेकर बहुत सचेत हैं। 

हर कंपनी में इतनी क्षमता
Anil Agarwal ने भारत में मौजूद संभावनाओं पर जोर दिया. उन्होंने अगले पांच सालों में 20 अरब डॉलर के निवेश की रूपरेखा बताई. अग्रवाल ने कहा कि हमारी हर एक कंपनी में 100 अरब डॉलर का रेवेन्यू हासिल करने की क्षमता है. शेयरधारकों को लेकर वेदांता चेयरमैन ने आगे कहा कि उनके हित से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है और पिछले पांच सालों में वेदांता ने 300% का रिटर्न दिया है।  

आयात पर निर्भरता कम करना जरूरी 
Vedanta Chairman के मुताबिक, भारत अपने नेचुरल रिसोर्सेज की 50% जरूरतों का आयात करता है, इसे कम करना जरूरी है. उन्होंने बताया कि भारत में थोरियम के विशाल भंडार हैं, और हमें आत्मनिर्भर बनने के लिए इस अवसर का लाभ उठाने पर काम करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि वेदांता के सभी बिजनेस ग्रोथ के लिए तैयार हैं. मैंगनीज, निकेल, फेरोक्रोम और तांबे में मौजूद संभावनाओं को देखकर यह साफ संकेत मिलता है कि कितना कुछ किया जा सकता है। 

'हम ग्रोथ के लिए तैयार'
नई कंपनियों की लिस्टिंग के मौके पर अनिल अग्रवाल ने स्ट्रेटजी में टेक की अहम भूमिका भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, AI हमारी रगों में बसा है और हम इसका इस्तेमाल अपने सभी व्यवसायों में करते हैं.  योजना के तहत वेदांता रिसोर्सेज को भविष्य में दोबारा लिस्ट किया जाएगा और ग्रुप और इससे जुड़े व्यवसायों को आगे बढ़ना है, वे विकास के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

अनिल अग्रवाल का दिलचस्प सफर 
अपने दम पर कारोबारी साम्राज्य खड़ा करने वाले कारोबारियों का जिक्र होता है, तो फिर वेदांता (Vedanta Ltd) के अनिल अग्रवाल (Anil Agawal) का नाम लिस्ट में शामिल रहता है. साधारण परिवार में पैदा होने के बाद अनिल अग्रवाल ने अपनी मेहनत से माइनिंग व मेटल बिजनेस (Mining And Metal Business) का साम्राज्य खड़ा किया। 

बिहार से शुरू हुआ उनका सफर मुंबई से होते हुए लंदन तक पहुंच गया. इतना ही नहीं, इस सफर के दरम्यान कई शानदार मुकाम हासिल हुए और लंदन स्टॉक एक्सचेंज (London Stock Exchange) पर पहली भारतीय कंपनी वेदांता की लिस्टिंग उनमें से एक है. संपत्ति की बात करें, तो अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ (Anil Agarwal Networth) फोर्ब्स बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, 4.6 अरब डॉलर है। 

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