यूक्रेन युद्ध फंडिंग पर वार: ब्रिटिश सेना ने रूसी जहाज पर की छापेमारी, जांच जारी

लंदन  यूक्रेन युद्ध के लिए मॉस्को की फंडिंग रोकने के उद्देश्य से ब्रिटिश सेना ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए पहली बार इंग्लिश चैनल में रूस के एक 'शैडो फ्लीट' (गुप्त बेड़े) के तेल टैंकर 'SMYRTOS' को रोका है। रविवार तड़के, ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में छह घंटे चले एक अभियान के दौरान, रॉयल मरीन…

यूक्रेन युद्ध फंडिंग पर वार: ब्रिटिश सेना ने रूसी जहाज पर की छापेमारी, जांच जारी

लंदन
 यूक्रेन युद्ध के लिए मॉस्को की फंडिंग रोकने के उद्देश्य से ब्रिटिश सेना ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए पहली बार इंग्लिश चैनल में रूस के एक 'शैडो फ्लीट' (गुप्त बेड़े) के तेल टैंकर 'SMYRTOS' को रोका है।

रविवार तड़के, ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में छह घंटे चले एक अभियान के दौरान, रॉयल मरीन कमांडो और राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों ने SMYRTOS नामक जहाज पर धावा बोला। इस रूसी जहाज पर चिनूक हेलीकॉप्टर और दूसरे एयरक्राफ्ट, एक फ्रिगेट और एक माइनहंटर की मदद से कब्जा किया।

इस अभियान में मैरीटाइम एयर ग्रुप के विमानों, जिनमें चिनूक, मर्लिन एमके4 और वाइल्डकैट हेलीकॉप्टर शामिल थे, साथ ही आरएएफ के पी-8 निगरानी विमान और रॉयल नेवी के युद्धपोत एचएमएस सदरलैंड और एचएमएस लेडबरी ने भी सहयोग किया।

रूस के लिए बड़ा झटका- कीर स्टार्मर
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने X पर एक पोस्ट में कहा, "इस सफल ऑपरेशन ने रूस को एक और बड़ा झटका दिया है। यह यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को हवा देने वालों को याद दिलाता है कि हम उन्हें छिपने नहीं देंगे।"

इस ऑपरेशन के बाद ब्रिट्रेन की ओर से एक सरकारी बयान में कहा गया कि टैंकर को इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां जांच जारी रहने तक उस पर निगरानी रखी जाएगी। यह ऑपरेशन फ्रांस के साथ करीबी तालमेल में किया गया है।

पीएम कीर स्टार्मर ने दी कार्रवाई की अनुमति
नेतृत्व की चुनौतियों से जूझ रहे और पिछले सप्ताह सैन्य खर्च के विवाद में अपने रक्षा सचिव को खो चुके प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने मार्च में ब्रिटिश सेना को रूसी जहाजों पर कार्रवाई करने और उन्हें रोकने की अनुमति दी थी।

पश्चिमी सरकारों का आरोप है कि ये 'शैडो फ्लीट' जहाज कड़े पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद मॉस्को को अवैध रूप से तेल निर्यात करने में मदद करते हैं।

नहीं पड़ा कोई खास असर
हालांकि, रॉयटर्स के एक विश्लेषण के मुताबिक, प्रधानमंत्री के इस कड़े रुख का ब्रिटेन के जलक्षेत्र से गुजरने वाले रूसी जहाजों की संख्या पर तत्काल कोई खास असर नहीं पड़ा है। इस विश्लेषण से साफ हुआ कि इस नीतिगत घोषणा के पहले और बाद में ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले रूसी जहाजों की संख्या लगभग समान बनी रही।

पहली बार ऐसी कार्रवाई
ब्रिटिश सेना ने रविवार को इंग्लिश चैनल में जिस कैमरून के झंडे के नीचे चल रहे जहाज को रोका, वह पहली बार यूक्रेन में रूस के युद्ध को फंड जुटाने में मदद किया था। । रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों के अनुरूप की गई है। यह अभियान पहली बार है जब ब्रिटेन ने रूस के गुप्त बेड़े से जुड़े किसी पोत के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का नेतृत्व किया है।

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