यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती: 32,679 पदों के लिए कटऑफ को लेकर बढ़ी टेंशन

लखनऊ यूपी पुलिस में 32679 पदों पर सिपाही भर्ती के पहले चरण में लिखित परीक्षा आयोजित हो चुकी है। इस भर्ती में 28 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 21 लाख से ज्यादा ने रिटन एग्जाम में भाग लिया। वहीं अब पेपर देने के बाद से कैंडिडेट्स संभावित कटऑफ को लेकर…

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती: 32,679 पदों के लिए कटऑफ को लेकर बढ़ी टेंशन

लखनऊ
यूपी पुलिस में 32679 पदों पर सिपाही भर्ती के पहले चरण में लिखित परीक्षा आयोजित हो चुकी है। इस भर्ती में 28 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 21 लाख से ज्यादा ने रिटन एग्जाम में भाग लिया। वहीं अब पेपर देने के बाद से कैंडिडेट्स संभावित कटऑफ को लेकर भी टेंशन ले रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल कि क्या यूपी एसआई की तरह यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की कटऑफ भी हाई जा सकती है? इसको लेकर कैंडिडेट्स ज्यादा परेशान हो रहे हैं।

यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की कटऑफ कितनी जा सकती है? महिला और पुरुष दोनों की संभावित कटऑफ क्या रह सकती है? यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल फिजिकल के लिए सेफ स्कोर क्या रह सकता है? किन लोगों को रनिंग की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए? अगर आप भी ऐसे ही सवालों के जवाब जानना चाहते हैं,
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की कटऑफ हाई जाएगी?
करियर विल के एक्सपर्ट टीचर मोहित शर्मा कहते हैं कि यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती की कटऑफ हाई जाएगी? इस सवाल का स्पष्ट उत्तर है 'नहीं'। कॉन्स्टेबल परीक्षा की कटऑफ प्रतिशत के आधार पर इसके यूपीएसआई 2025 जितनी हाई करने की संभावना नहीं है। इसके पीछे उन्होंने कुछ प्रमुख कारण भी बताए जो मेरिट को नियंत्रित रखेंगे

    पदों की संख्या ज्यादा- यूपी पुलिस एसआई भर्ती में पदों की संख्या 4,543 थी। जबकि आवेदकों की संख्या बहुत ज्यादा था। पोस्ट कम होने के कारण केवल ज्यादा नंबर वाले उम्मीदवारों का ही चयन हुआ। जिससे मेरिट स्वाभाविक रूप से काफी हाई पहुंच गई।
    कॉन्स्टेबल भर्ती में पोस्ट ज्यादा- यूपी एसआई भर्ती की तुलना में यदि कॉन्स्टेबल के पदों की संख्या देखें तो यह एसआई वैकेंसी से 7 गुना ज्यादा है। ऐसे में शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी (PET) के करीब 75,000 से 80,000 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
    UPSI का पेपर लेवल- यूपी पुलिस एसआई की कटऑफ हाई जाने का सबसे बड़ा कारण था पेपर का लेवल आसान होना। परीक्षा के प्रश्नपत्र का स्तर तुलनात्मक रूप से सरल था। जिससे कैंडिडेट्स का स्कोर हाई रहा और मेरिट भी ज्यादा अंकों पर लगी।
    कॉन्स्टेबल भर्ती का पेपर- यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती का पेपर 6 शिफ्टों में लिया गया। तीनों दिनों की पेपर का गहन विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा में मानसिक अभिरुचि और कथन-निष्कर्ष, के प्रश्न काफी लंबे और समय लेने वाले थे। इसके साथ-साथ मैथ भी कैलकुलेटिव थी। ऐसे में टाइम मैनेजमेंट बिगड़ने के कारण अच्छे अभ्यर्थियों का औसत अटेम्प्ट भी प्रभावित हुआ है। जिससे कटऑफ बैलेंस रह सकती है।

UPSI 2025 की अप्रत्याशित कटऑफ को आधार मानकर कांस्टेबल परीक्षा के लिए तनाव लेना उचित नहीं है। दोनों परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया, नियमों और रिक्तियों के अनुपात में जमीन-आसमान का अंतर है।

फिजिकल की तैयारी के लिए सेफ स्कोर
मोहित सर का कहना है कि अगर यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में आपके 125 से ज्यादा प्रश्न सही हैं यानी 250 नंबर के ऊपर अंक आ रहे हैं, तो आप पूरी तरह से सुरक्षित जोन में हैं। एक उम्मीदवार के रूप में अब आपको बिना ज्यादा स्ट्रेस लिए भर्ती के अगले चरण फिजिकल टेस्ट की तैयारी शुरू होने की होनी चाहिए और इसी पर अपना सौ-प्रतिशत ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जिन कैंडिडेट्स का रिटन एग्जाम में अच्छा स्कोर आएगा, उन्हें अगले चरण में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।

यूपी पुलिस भर्ती फिजिकल टेस्ट
सामान्य/ओबीसी और एसटी पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट 168 सेमी होनी चाहिए। वहीं एसटी पुरुषों की लंबाई 160 सेमी भी मान्य होगी। जनरल/ओबीसी/एससी महिला अभ्यर्थियों की हाइट 152 सेमी और एसटी कैंडिडेट्स की लंबाई 147 तक मान्य होगी। इसके आलावा लड़कियों का वजन 40 केजी तक होना अनिवार्य है। रनिंग की बात करें तो सभी वर्ग के लड़कों को 4.8 किमी की रनिंग 25 मिनट में पूरी करनी होगी। वहीं लड़कियों को 2.4 किमी की दौड़ के लिए 14 मिनट का समय मिलेगा।

 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports