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76 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन एवं शिलान्यास

रायपुर   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिलेवासियों को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास…

76 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन एवं शिलान्यास

रायपुर  

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिलेवासियों को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा विकास को नई गति प्राप्त होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों एवं गरीब परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सुशासन के माध्यम से योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली खर्च से राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को ऋण, खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए नैनो यूरिया के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। उन्होंने नागरिकों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान स्थापित कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास की रोशनी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले में आज जिन विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, विद्युत तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार होगा और जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाने वाला राजिम, राजीव लोचन मंदिर तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार द्वारा इन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है तथा 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें जो अभी तक विद्यालय से बाहर हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19 लाख 70 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 41 लाख से अधिक परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जहां ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मासिक खपत पर बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की उल्लेखनीय आबादी निवास करती है। प्रधानमंत्री जनमन योजना तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास एवं आजीविका के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है, वे गरियाबंद जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को तेजी से पूरा कर रही है और सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम को महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद मती रूपकुमारी चौधरी एवं राजिम विधायक  रोहित साहू ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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