6 बागी सांसदों को Y+ सिक्योरिटी मिलने पर भड़की शिवसेना UBT, उद्धव समर्थक सड़कों पर उतरे

मुंबई  महाराष्ट्र गृह मंत्रालय ने उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसदों को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्देश दिया है. यह आदेश महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को जारी किया गया है. यह फैसला इन सांसदों के खिलाफ बढ़ते सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. हाल ही में, इन…

6 बागी सांसदों को Y+ सिक्योरिटी मिलने पर भड़की शिवसेना UBT, उद्धव समर्थक सड़कों पर उतरे

मुंबई 

महाराष्ट्र गृह मंत्रालय ने उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसदों को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्देश दिया है. यह आदेश महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को जारी किया गया है. यह फैसला इन सांसदों के खिलाफ बढ़ते सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. हाल ही में, इन सांसदों ने शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की बैठक में भाग नहीं लिया था, जिसके बाद संजय राउत ने उन्हें “गद्दार” और “धोखेबाज” करार दिया था। 

सदस्यता रद्द करने की मांग करेंगे- अरविंद सावंत
उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसद पार्टी की संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए. इस पर लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत ने कहा कि सांसदों से पूछा जाएगा कि व्हिप जारी किए जाने के बावजूद वे बैठक में शामिल क्यों नहीं हुए. उन्हें जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा. यदि वे जवाब नहीं देते हैं तो हम उनकी सदस्यता रद्द किए जाने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखेंगे।

संजय राउत भी आ जाएं- अठावले
संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को पाला बदलने के लिए 50-50 करोड़ रुपये दिए गए. इस पर रामदास अठावले ने कहा कि इतने पैसों की बात कर रहे हैं तो मैं उनसे कहूंगा कि आप भी आ जाइए. अठावले ने कहा कि पैसा देने जैसी कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि ये झूठे आरोप हैं. उद्धव ठाकरे अगर हमारे साथ रहते तो ये नौबत नहीं आती. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग आए हैं उनका शिंदे पर भरोसा है. अगर संजय राउत आरोप लगा रहे हैं तो वो इसे साबित करें कि पैसे कहां से आए। 

17 जून 2026 को जारी इस मैसेज में महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस और खुफिया अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हालिया संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए संबंधित सांसदों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। 

आदेश में कहा गया है कि संबंधित जिला और पुलिस इकाइयां स्थानीय परिस्थितियों और खतरे के आकलन के आधार पर इन सांसदों को सुरक्षा मुहैया कराएं. इसके साथ ही, जिला स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समितियों को उनकी सुरक्षा बढ़ाने, घटाने या यथावत रखने पर फैसला लेने को भी कहा गया है। 

किन सांसदों को मिली सुरक्षा?
जारी किए गए डॉक्यूमेंट में जिन सांसदों के नाम शामिल हैं, उनमें यवतमाल के सांसद संजय देशमुख, परभणी के सांसद संजय जाधव, मुंबई उत्तर-पूर्व के सांसद संजय दीना पाटिल, हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकार, धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर और शिरडी के सांसद भाऊसाहेब वाघचौरे शामिल हैं। 

जारी किए गए मैसेज में यह भी निर्देश दिया गया है कि जब ये सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में दौरा करें या सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लें, तब स्थानीय पुलिस अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। 

यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में सामने आया है, जब शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में होने और पार्टी से अलग होने की अटकलें तेज हैं. ऐसे में इन सांसदों की सुरक्षा बढ़ाए जाने को राजनीतिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है। 

 

 

 

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