गेहूं का हेल्दी विकल्प: 5 हाई-फाइबर आटे जो बढ़ाएं सेहत

भारतीय यूं तो बहुत से अनाज खाते हैं, लेकिन ज्यादातर घरों में गेहूं के आटे के रोटी ही बनती हैं. गेहूं का आटा खाने के लिए अच्छा होता है, लेकिन इसमें ग्लूटेन की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे इसे पचाने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. आजकल की बिगड़ी लाइफस्टाइल में लोग…

गेहूं का हेल्दी विकल्प: 5 हाई-फाइबर आटे जो बढ़ाएं सेहत

भारतीय यूं तो बहुत से अनाज खाते हैं, लेकिन ज्यादातर घरों में गेहूं के आटे के रोटी ही बनती हैं. गेहूं का आटा खाने के लिए अच्छा होता है, लेकिन इसमें ग्लूटेन की मात्रा ज्यादा होती है. ऐसे इसे पचाने के लिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. आजकल की बिगड़ी लाइफस्टाइल में लोग ज्यादातर लैपटॉप या मोबाइल लेकर बैठे रहते हैं, जिसकी वजह से उनका डाइजेस्टिव सिस्टम ढंग काम नहीं कर पाता है और शरीर को बीमारियां घेर लेती हैं.

ऐसे में आजकल लोग गेहूं के आटे का हेल्दी ऑप्शन ढूंढ रहे हैं. क्या आप भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है. आज हम आपको ऐसे 5 तरह के आटे बताएंगे, जिनमें फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ये जल्दी पच जाते हैं और इनकी कुछ रोटी खाकर भी पेट लंबे समय तक भरा महसूस करता है. फाइबर डाइजेशन को बेहतर बनाए रखने के लिए भी कारगर है. आइए जानते हैं ऐसे 5 हाई-फाइबर आटों के बारे में, जो आपके खाने को ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं.

जौ का आटा: जौ का आटा फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है. इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटियां बनाई जा सकती हैं. कई लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं क्योंकि इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है. जौ का आटा स्वाद और पोषण का अच्छा कॉम्बिनेशन है.  

बाजरे का आटा: बाजरा भरतीय खानपन का एक ट्रेडिशनल हिस्सा रहा है. इसका आटा फाइबर के साथ कई जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. बाजरे की रोटी को आप सब्जी, दही या चटनी के साथ खा सकते हैं.  

रागी का आटा: रागी को पोषक तत्वों से भरपूर अनाज माना जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है. रागी से रोटी, डोसा, चीला और कई डिशेज बनाए जा सकते हैं. इसका इस्तेमाल नाशते से लेकर डिनर तक में किया जा सकता है.

ज्वार का आटा: ज्वार का आटा भी हाई-फाइबर आटों के ऑप्शन में शामिल है. इसकी रोटियां भारत के कई राज्यों में बड़े चाव से खाई जाती हैं. ज्वार का स्वाद अलग होता है और ये खाने में नया स्वाद जोड़ने का काम करता है. इसे अन्य आटों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

ओट्स का आटा: ओट्स को फाइबर का अच्छा सोर्स माना जाता है. आप ओट्स को पीसकर उसका आटा तैयार कर सकते हैं. इससे चीला, पैनकेक और रोटियां बनाई जा सकती हैं. ये उन लोगों के लिए भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है जो अपनी डाइट में कुछ नया शामिल करना चाहते हैं.

डाइट में कैसे करें शामिल ?
अगर आप पहली बार इन आटों का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें सीधे खाने के बजाय गेहूं के आटे में मिलाकर शुरू कर सकते हैं. इससे स्वाद और टेक्शचर दोनों सही रहते हैं. धीरे-धीरे अपनी पसंद के अनुसार इनकी मात्रा बढ़ा सकते हैं.

जौ, बाजरा, राग, ज्वार और ओट्स जैसे आटे फाइबर से भरपूर ऑप्शन माने जाते हैं. इन्हे बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा बनाकर डाइट में पोषण को बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, किसी भी का सेवन लिमिट में ही करना चाहिए और अपनी जरूरत के अनुसार डाइट चुननी चाहिए.

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