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‘शौच के लिए बाहर जाना भी छुट्टी माना जाएगा’, शिक्षा मंत्री के बयान पर चर्चा तेज

रामगढ़  बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अपने दायित्व बोध को जगाएं तभी विवेकानंद का सपना साकार होगा। आप सभी सहयोग व संकल्प के साथ कार्य करने का निश्चय करने का ठान लेंगे, तब शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की तस्वीर बदल…

‘शौच के लिए बाहर जाना भी छुट्टी माना जाएगा’, शिक्षा मंत्री के बयान पर चर्चा तेज

रामगढ़
 बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री व भाजपा के कद्दावर नेता मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अपने दायित्व बोध को जगाएं तभी विवेकानंद का सपना साकार होगा।

आप सभी सहयोग व संकल्प के साथ कार्य करने का निश्चय करने का ठान लेंगे, तब शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की तस्वीर बदल देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा में गुणात्मक सुधार मेरी प्राथमिकता में है।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी रामगढ़ के माधव पैलेस में भाजपा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूलों में मां सरस्वती की आराधना और उपासना से सब कुछ हासिल किया जा सकता है।

शौच के लिए भी बाहर गए तो कार्रवाई तय
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि विद्यालय अवधि के दौरान बिना अनुमति स्कूल परिसर से बाहर जाना शिक्षकों को महंगा पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए शिक्षकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि यदि कोई शिक्षक स्कूल समय में परिसर से बाहर जाता है तो उसकी उपस्थिति पर सीधा असर पड़ेगा।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शौच के लिए भी यदि कोई शिक्षक विद्यालय की चहारदीवारी से बाहर जाता है तो उसकी आधे दिन की उपस्थिति प्रभावित हो सकती है

वहीं, यदि कोई शिक्षक एक घंटे से अधिक समय तक विद्यालय से बाहर रहता है तो उसे पूरे दिन की अनुपस्थिति माना जा सकता है।

'बिहार का भविष्य शिक्षकों के हाथ में'
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था शिक्षकों के भरोसे चलती है और राज्य के बच्चों का भविष्य उनके हाथों में है।

उन्होंने कहा, "आप छात्रों को गढ़ने का काम करते हैं। आने वाले बिहार की नींव स्कूलों में रखी जाती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

AI आधारित मॉनिटरिंग से बढ़ेगी जवाबदेही
मंत्री ने कहा कि विभाग तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रहा है और इसी कड़ी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है।

इसके माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय में उनकी गतिविधियों और समय पालन की निगरानी की जाएगी। सरकार का मानना है कि तकनीक के उपयोग से जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी।

लंबित मामलों के समाधान का भी भरोसा
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विभाग में लंबित पड़े एसीपी, वेतन विसंगति, प्रोन्नति और अन्य प्रशासनिक मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सचिवालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।

विभाग में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत 20 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा।

अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी शिक्षक की समस्या का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर जहां शिक्षकों से अनुशासन और जवाबदेही की अपेक्षा करती है, वहीं दूसरी ओर उनकी वैध समस्याओं के समाधान के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सरकारी स्‍कूलों में अपने बच्‍चे को पढ़ाने पर होगा गर्व
इसलिए हमारा लक्ष्य है कि हम सभी मिलकर राज्य के स्कूलों को कुछ इस तरह विकसित करेंगे, जरुरी संसाधनों से लैस करेंगे कि सरकारी स्कूलों में मंत्री- विधायक और अधिकारी के बच्चे भी गौरव-बोध के साथ पढ़ाई कर सकें।

हम ऐसी संरचना व संसाधन स्थापित कर दिखाएंगे। यह हमारा संकल्प भी है और लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आप सुविधाएं लीजिए। सरकार जरुरी सहुलियत भी मुहैया कराने का निर्णय ले चुकी है।

लेकिन पढ़ाई में ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पठन पाठन व्यवस्था में सख्ती लागू रहेगी। उन्होंने शिक्षकों को मजाकिया लहजे में चेताया कि अब ई शिक्षा पोर्टल पर हस्ताक्षर बनाकर ससुराल नहीं घूम पाएंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समस्या को हमने करीब से महसूस किया और फिर सरकार ने निर्णय लिया कि महिला शिक्षकों को अपने मूल पंचायत के बगल वाली पंचायत और पुरुष शिक्षकों को अपने मूल प्रखंड के बगल वाले प्रखंड में पोस्टिंग करेंगे।

इस सुविधा और सहूलियत का एक मात्र उद्देश्य है कि शिक्षको को परेशानी से छुटकारा मिले और गुणात्मक शिक्षा की दिशा में सार्थक प्रयास को अंजाम दे सकें।

मंत्री ने कहा कि बक्सर और रामगढ़ से मेरा गहरा लगाव है। हर महीने रामगढ़ के एक स्कूल में आऊंगा और पूर्व विधायक अशोक सिंह शिक्षा के क्षेत्र में जो प्रस्ताव भेजेंगे उसे स्वीकृति मिलेगी।

समारोह की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष संजय जायसवाल और संचालन राजीव श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन परशुराम तिवारी ने किया। समारोह को जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, पूर्व प्रमुख संजय सिंह, तरुण सिंह, दिनेश उपाध्याय, कृपाशंकर चौबे, हरिद्वार राम, मंडल अध्यक्ष आनंद सिंह, अरविंद सिंह, विक्की सिंह ने संबोधित किया।  

 

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