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योग दिवस आयोजन में बिजली व्यवस्था पर विवाद, विभाग ने कहा नियमों के तहत होगी जांच

करौली राजस्थान में भजनलाल सरकार बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इस बीच करौली में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के दौरान सरकारी कार्यक्रम में ही बिजली चोरी का मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. इस कार्यक्रम को आयुर्वेदिक विभाग…

योग दिवस आयोजन में बिजली व्यवस्था पर विवाद, विभाग ने कहा नियमों के तहत होगी जांच

करौली
राजस्थान में भजनलाल सरकार बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर दोषियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इस बीच करौली में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के दौरान सरकारी कार्यक्रम में ही बिजली चोरी का मामला सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. इस कार्यक्रम को आयुर्वेदिक विभाग ने आयोजित किया था. इस संबंध में आयुर्वेदिक विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने बताया कि विभाग की ओर से व्यवस्थाओं के लिए पहले ही पत्र लिखा गया था, जिसमें संबंधित विभागों के नाम दिए गए थे. उन्होंने कहा कि खेल अधिकारी की तरफ से हमें यह व्यवस्था करवाई गई. अब देखना होगा कि किस
विभाग पर बिजली विभाग कार्रवाई करता है.

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय स्थित मुंशी त्रिलोकचंद माथुर पर स्टेडियम में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम के लिए बिजली लाइन से सीधे तार डालकर अवैध रूप से बिजली सप्लाई लेने का आरोप लगा है. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के सीनियर अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कथित रूप से खुलेआम बिजली का उपयोग किया गया.

आम आदमी पर लगता है भारी जुर्माना
गौरतलब है कि बिजली अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत विद्युत चोरी दंडनीय अपराध है. सामान्य उपभोक्ता द्वारा बिजली चोरी पकड़े जाने पर विद्युत निगम बीसीआर भरकर भारी जुर्माना वसूलता है और कानूनी कार्रवाई भी करता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि सरकारी आयोजन में ही बिजली चोरी हुई है तो क्या संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ भी वही कार्रवाई होगी या फिर नहीं.

योग दिवस के मंच से कानून पालन का संदेश
योग दिवस के मंच से कानून पालन और जागरूकता का संदेश दिया गया, लेकिन दूसरी ओर विद्युत नियमों की अनदेखी ने पूरे आयोजन की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. अब देखना होगा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ बीसीआर और विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है या फिर मामला केवल चर्चा तक ही सीमित रह जाएगा.

बिजली चोरी के मामले पर क्या बोले सुपरिटेंडेंट इंजीनियर?
इस मामले में विद्युत विभाग करौली के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रूपसिंह गुर्जर ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में बिजली चोरी होने की जानकारी फिलहाल हमारे संज्ञान में नहीं है. यदि कहीं अवैध रूप से विद्युत लाइन से कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया गया है तो मामले की जांच कराई जाएगी.

उन्होंने कहा कि, 'जांच में विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित विभाग के खिलाफ विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने आगे कहा कि विभाग बिजली चोरी के मामलों को गंभीरता से लेता है और किसी को भी नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी.

वहीं, आयुर्वेदिक विभाग करौली के डिप्टी डायरेक्टर (DD) डॉ. कालूराम मीना ने कहा, 'राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर हमने पहले ही जिला कलेक्टर को पत्र देकर विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी थीं. बिजली व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित विभागों को अवगत कराया गया था. कार्यक्रम से पहले जब हम स्टेडियम पहुंचे तो वहां खेल स्टेडियम प्रशासन की ओर से हमें बताया गया कि लाइट की व्यवस्था यहां से कर लें. यदि बिजली चोरी जैसा कोई मामला सामने आया है तो इसकी जांच संबंधित विभाग करेगा. हमारी ओर से सभी आवश्यक पत्राचार और सूचना पूर्व में दे दी गई थी.

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