यूक्रेन-पोलैंड तनाव बढ़ा: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने डाक से वापस भेजा सम्मान

कीव यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पोलैंड का सर्वोच्च राजकीय सम्मान लौटा दिया है। जेलेंस्की ने यह कदम जब पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी ने कह कि वह यूक्रेनी नेता से यह सम्मान वापस ले रहे हैं। इसने दोनों देशों के बीच द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के विवाद को फिर से खड़ा कर दिया…

यूक्रेन-पोलैंड तनाव बढ़ा: राष्ट्रपति जेलेंस्की ने डाक से वापस भेजा सम्मान

कीव
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पोलैंड का सर्वोच्च राजकीय सम्मान लौटा दिया है। जेलेंस्की ने यह कदम जब पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी ने कह कि वह यूक्रेनी नेता से यह सम्मान वापस ले रहे हैं। इसने दोनों देशों के बीच द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के विवाद को फिर से खड़ा कर दिया है। जेलेंस्की ने इस कदम के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने यह सम्मान पोलैंड के राष्ट्रपति के पास वापस भेज दिया है।

आज मैंने यह सम्मान पोलैंड के राष्ट्रपति को वापस भेज दिया है। मेरा मानना है कि भविष्य उस सम्मान की पुष्टि करेगा जिसके यूक्रेन के लोग हकदार हैं।

जेलेंस्की ने डाक से वापस भेजा सम्मान
एक्स पर पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा की यूक्रेनी लोगों का मानना है कि यह सम्मान यूक्रेन के लोगों और उनकी सेना के लिए है। इस संदेश के साथ जेलेंस्की ने पोलैंड के सम्मान और डाक रसीद की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इससे पता चलता है कि इसे पोलैंड के राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा जा रहा है। यूक्रेन के तीन अधिकारियों ने भी राष्ट्रपति के साथ एकजुटता दिखाते हुए पोलैंड से मिले सम्मान वापस करने का फैसला किया है।

यूक्रेनी सेना की यूनिट पर विवाद
साल 2023 में पोलैंड के तत्कालीन राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने जेलेंस्की को पोलिश ऑर्डर ऑफ द वॉइट ईगल से सम्मानित किया था। लेकिन पिछले महीने यूक्रेन के एक कदम से पोलैंड नाराज हो गया। कीव ने यूक्रेनी सेना की एक यूनिट यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के नाम पर रखा। UPA द्वितीय विश्व यु्द्ध के दौरान लड़ने वाला एक विवादास्पद समूह था, जो 1940 के 1950 के दशक में सक्रिय था।

UPA पर नरसंहार का आरोप
यूक्रेन में कई लोग UPA के सदस्यों को नायक मानते हैं। उनका मानना है कि इन लोगों ने सोवियत रेड आर्मी, नाजी जर्मनी और पोलिश अधिकारियों के खिलाफ यूक्रेन की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। इस समूह का लाल और काले रंग का झंडा आज भी अक्सर यूक्रेनी सैनिक मोर्चे पर इस्तेमाल करते हैं।
पोलैंड का आरोप है कि UPA ने 1943-45 के दौरान वोल्हिनिया में लगभग 1 लाख पोलिश लोगों को नरसंहार किया था। वोल्हिनिया अब यूक्रेन का इलाका है, जिसे वोलिन नाम से जाना जाता है।

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