मौसम बदलाव का असर: मुंबई में बुखार और सांस की बीमारियों के केस में इजाफा

मुंबई मुंबई में इन दिनों सांस और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ है। डॉक्टरों की प्राइवेट क्लीनिक्स पर भी लोगों की लाइन लगी रहती है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों में स्वाइन फ्लू (H1N1) और कोविड के लिए बनाए गए ओपीडी काउंटर्स पर एक बार फिर मरीजों का आना शुरू हो…

मौसम बदलाव का असर: मुंबई में बुखार और सांस की बीमारियों के केस में इजाफा

मुंबई
मुंबई में इन दिनों सांस और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ है। डॉक्टरों की प्राइवेट क्लीनिक्स पर भी लोगों की लाइन लगी रहती है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पतालों में स्वाइन फ्लू (H1N1) और कोविड के लिए बनाए गए ओपीडी काउंटर्स पर एक बार फिर मरीजों का आना शुरू हो गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई के नामी ब्रीच कैंडी अस्पताल की लैब में रोज कम से कम सात कोविड या फिर स्वाइन फ्लू के केस सामने आ रहे हैं।

क्या होते हैं मरीजों के लक्षण
आम तौर पर ऐसे मरीजों को तेज बुखार होता है। बुखार 102 से 103फारेन हाइट्स के बीच पहुंच जाता है। शरीर में दर्द, सीने में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण देखे जाते हैं। फोर्टिस अस्पता के डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों स्टमक फ्लू के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।

क्या मॉनसून में देरी की वजह से बढ़ रहीं बीमारियां
बीएमसी के हेल्थ ऑफिसर डॉ. दक्ष शाह के मुताबिक मौसम में बदलाव की वजह से बीमारियां बढ़ी हैं। मॉनसून में देरी होने की वजह से आर्द्रता बहुत ज्यादा है और उमस बर्दाश्त से बाहर हो गई है। ऐसी स्थिति में वायरस भी हवा में ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जब बारिश शुरू हो जाएगी तो अपने आप इस तरह की दिक्कतें कम होने लगेंगी।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन दिनों प्रेग्नेंट महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों सो पीड़ित लोगों को ज्यादा देखरेख की जरूरत है। सांस के मरीजों को भी स्वास्थ्य का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि बिना डॉक्टर के सलाह के दवाइयां लेना भी हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में लोगों को सीधे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जहां तक हो सके भीड़ में मास्क का उपयोग करें। इसके अलावा साफ सफाई का भी ध्यान रखें।

क्या हैं कोरोना के लक्षण
कोरोना होने पर अचानक तेज बुखार आता है। इसके अलावा ठंड भी लग सकती है। शरीर में तेज दर्द, मांस पेशियों में ऐंठन, गले में खराश, सूखी खांसी, पेट की खराबी और डायरिया जैसे लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं स्वाइन फ्लू में तेज बुखार के साथ सीने में दर्द हो सकता है। तेज सिरदर्द, खूब पीना आना, नाक बहना और कमजोरी इसके लक्षण हैं।

बारिश से मिली राहत
चमचमाती धूप और उमस से परेशान मुंबईकरों को रविवार को थोड़ी राहत मिली है। मुंबई के बड़े इलाके में रविवार सुबह बारिश हुई जिसके बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बता दें कि महाराष्ट्र में मॉनसून के अटकने की वजह से जल संकट भी पैदा हो गया है। अब तक मॉनसून मुंबई नहीं पहुंच पाया है। हालांकि अब मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं और जल्द ही यह मुंबई पहुंच जाएगा।

मॉनसून महीने की शुरुआत में ही दक्षिण कोंकण में प्रवेश कर गया था। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ समेत अन्य कारणों से मॉनसून पर ब्रेक लग गया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, सुबह छह बजे से सात बजे के बीच घाटकोपर स्थित महानगरपालिका द्वारा संचालित रामाबाई विद्यालय में सबसे अधिक 24 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। इसके बाद चेंबूर अग्निशमन केंद्र में 20 मिलीमीटर और मानखुर्द अग्निशमन केंद्र में 16 मिलीमीटर बारिश हुई।

इसके बाद सुबह सात बजे से आठ बजे के बीच महानगरपालिका द्वारा संचालित वर्ली सी-फेस विद्यालय और सावित्रीबाई फुले विद्यालय में 25-25 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो शहर में सर्वाधिक रही। इसके अलावा, लोअर परेल स्थित जी-दक्षिण वार्ड कार्यालय में 21 मिलीमीटर और वर्ली अग्निशमन केंद्र में 17 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान जलभराव या बारिश से संबंधित किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports