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राहुल गांधी ने जताया खेद, कहा- मेरे बयान का संबंध शिवराज और कार्तिकेय से नहीं था

जबलपुर  कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे बहुचर्चित मानहानि विवाद में समझौते की संभावनाओं के संकेत उभरते दिखाई दिए हैं। हाई कोर्ट में राहुल गांधी ने एक विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कहा है कि उनके वर्ष…

राहुल गांधी ने जताया खेद, कहा- मेरे बयान का संबंध शिवराज और कार्तिकेय से नहीं था

जबलपुर 

कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे बहुचर्चित मानहानि विवाद में समझौते की संभावनाओं के संकेत उभरते दिखाई दिए हैं। हाई कोर्ट में राहुल गांधी ने एक विस्तृत लिखित आवेदन प्रस्तुत कर कहा है कि उनके वर्ष 2018 के चुनावी भाषण को गलत संदर्भ में लिया गया, जबकि उनका आशय न तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से था और न ही कार्तिकेय सिंह चौहान से।

बुधवार को न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने राहुल गांधी का आवेदन रिकॉर्ड पर लेते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान से लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। मामले की सुनवाई 25 जून को पुनः होगी।

'राहुल गांधी ने पैर पकड़ कर माफी मांगी'
बीजेपी नेता और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने एक्स पर लिखा है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से 'पैर पकड़ कर माफी मांगी' है। बग्गा ने दावा किया है कि राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के बेटे के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और इसकी वजह से उन्हें मानहानि के केस का सामना करना पड़ा।

राहुल गांधी के आवेदन में क्या था?
अब वहीं, राहुल गांधी की ओर से हाईकोर्ट में दायर आवेदन में कहा गया है कि उनका बयान कार्तिकेय सिंह के संबंध में नहीं था. उनके वकील ने कोर्ट में बताया कि जिस टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ, उसका संबंध कार्तिकेय सिंह से नहीं था और अगर किसी तरह की गलतफहमी हुई है तो इसके लिए उन्हें बहुत खेद है। 

BJP ने साधा राहुल गांधी पर निशाना
वहीं, इस मामले को लेकर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी को शायद अपने नाम के साथ ‘सॉरी’ जोड़ लेना चाहिए, क्योंकि उन्हें कई बार अपने बयानों पर माफी मांगनी पड़ी है. अमित मालवीय ने कहा कि अगर राहुल गांधी का बयान कार्तिकेय सिंह के बारे में नहीं था, तो फिर उनका नाम क्यों लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर बिना वजह बड़े-बड़े आरोप लगाते हैं और बाद में कोर्ट या तथ्यों के सामने आने पर अपने बयान से पीछे हट जाते हैं। 

मालवीय ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है. उनका कहना है कि राजनीतिक नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान देते समय फैक्ट्स की जांच कर लेनी चाहिए। 

तेजिंदर बग्गा का दावा
बीजेपी नेता और भाजपा युवा मो
र्चा के राष्ट्रीय सचिव तेजिंदर बग्गा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से जुड़े मानहानि मामले में पैर पकड़कर माफी मांगी है। 

    राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के बेटे कार्तिकेय सिंह से पैर पकड़ कर माफ़ी माफ़ी । राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह पर झूठे आरोप लगाए थे और मानहानि का केस झेल रहे थे ।

बग्गा का आरोप है कि राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह के खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज हुआ. हालांकि, मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और अदालत में सुनवाई चल रही है। 

राहुल के वकील ने दी यह दलील
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा व अजय गुप्ता ने दलील दी कि झाबुआ में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित बयान में मध्य प्रदेश नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के एक पूर्व मुख्यमंत्री का संदर्भ था। आवेदन में यह भी कहा गया कि बयान को लेकर यदि कोई भ्रम उत्पन्न हुआ, तो उस पर पहले ही खेद व्यक्त किया जा चुका है। 

कार्तिकेय सिंह ने लगाया मानहानि केस
दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए ऐसा वक्तव्य दिया, जिससे उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। इसी आधार पर भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मामला दायर किया था। कोर्ट से राहुल गांधी को समन जारी हुआ था। 

इसी समन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी हाई कोर्ट पहुंचे हैं। अब उनके ताजा स्पष्टीकरण के बाद अदालत ने प्रतिपक्ष का पक्ष जानना जरूरी माना है। राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा है कि मामला टकराव के बजाय सहमति के रास्ते की ओर बढ़ सकता है। आज की सुनवाई इस बहुचर्चित विवाद की दिशा तय कर सकती है।

राहुल गांधी ने कार्तिकेय सिंह से खेद जताया

    दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका डाली है।
    इस याचिका में उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह के खिलाफ अपने कथित अपमानजनक बयान के लिए खेद प्रकट किया है।
    याचिका में राहुल गांधी की ओर से कहा गया है कि कांग्रेस नेता ने जो टिप्पणी की थी, उसका कार्तिकेय सिंह से संबंध नहीं था।

राहुल गांधी के खिलाफ किया मानहानि केस

    इससे पहले कार्तिकेय सिंह ने भोपाल की एक अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत की थी।
    उनका आरोप है कि राहुल गांधी के बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
    एमपी-एमएलए कोर्ट में कार्तिकेय सिंह की ओर से दायर शिकायत में कहा गया कि 2018 में झाबुआ की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने पनामा पेपर लीक स्कैंडल का जिक्र करते हुए, उससे उनका नाम जोड़ दिया।
    इसी शिकायत के आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को उसके सामने निजी तौर पर पेश होने के लिए समन जारी किया था।
    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसी समन और मानहानि की कार्यवाही को खारिज करने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है।

 

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