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विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा में बड़ा फेरबदल, नई कार्यकारिणी में कई नए चेहरे शामिल

 लखनऊ  विधानसभा चुनाव से पहले कील कांटे दुरुस्त करने में जुटी भाजपा ने बड़े बदलावों के साथ प्रदेश इकाई घोषित कर दी है। चुनावी वर्ष को देखते हुए पिछली बार की तुलना में इस बार 64 सदस्यीय बड़ी टीम बनाई गई है। आठ महामंत्री, 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, छह क्षेत्रीय अध्यक्ष व छह मोर्चों के…

विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा में बड़ा फेरबदल, नई कार्यकारिणी में कई नए चेहरे शामिल

 लखनऊ
 विधानसभा चुनाव से पहले कील कांटे दुरुस्त करने में जुटी भाजपा ने बड़े बदलावों के साथ प्रदेश इकाई घोषित कर दी है। चुनावी वर्ष को देखते हुए पिछली बार की तुलना में इस बार 64 सदस्यीय बड़ी टीम बनाई गई है। आठ महामंत्री, 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, छह क्षेत्रीय अध्यक्ष व छह मोर्चों के अध्यक्ष बनाए गए हैं। कई दिग्गजों सहित आधे पदाधिकारियों को संगठन से मुक्त कर नए चेहरों पर भरोसा किया गया है।

जातीय समीकरणों का ध्यान देते हुए पिछड़े और अनुसूचित समाज को विशेष वरीयता दी गई है। छह में चार क्षेत्रीय अध्यक्ष ओबीसी समाज से हैं। महामंत्रियों की संख्या सात से बढ़ाकर आठ की गई है, वहीं 16 की जगह अब 19 उपाध्यक्ष होंगे। कई नए और चौंकाने वाले नाम शामिल किए गए हैं। पूर्व मंत्री सुरेश राणा और नवाब सिंह नागर को भी संगठन में बड़ा दायित्व दिया गया है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह की जगह नीरज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाकर उन्हें राजनीतिक पारी शुरू करने का अवसर दिया गया। भाजपा ने इसमें क्षेत्रीय से ज्यादा जातीय संतुलन पर फोकस किया है। जातीय समीकरणों के पैमाने पर देखें तो 27 सामान्य चेहरों में 12 ब्राह्मण, सात क्षत्रिय, चार भूमिहार, दो वैश्य व एक-एक कायस्थ और त्यागी हैं।

किस वर्ग को मिला कितना अवसर?
समाज में सबसे बड़ा करीब 55 प्रतिशत समूह ओबीसी का माना जाता है, जिनको सबसे ज्यादा 29 पदों पर भागीदारी दी गई है। इसमें सर्वाधिक तीन जाट, दो-दो यादव, कुर्मी, पाल, गुर्जर व लोधी को स्थान दिया गया है। साथ ही एक-एक पद पर कुशवाहा, मौर्य, बिंद, शिवहरे, विश्वकर्मा, निषाद, गिरी, राजभर, सैंथवार, सैनी, चौरसिया, तेली, कलार व लोनिया चौहान को अवसर दिया गया है।

अनुसूचित वर्ग में पासी को सबसे ज्यादा तीन पद दिए गए हैं, जबकि कोरी, वाल्मीकि, जाटव व एसटी के रूप में गोंड को भी अवसर दिया गया है। वहीं, 64 में 13 पदों पर महिलाओं को दायित्व दिया गया है, जो पार्टी के संकल्प 33 प्रतिशत की तुलना में कमतर प्रतिनिधित्व है। यूजीसी नियमों से उपजे आक्रोश से लेकर कई अन्य विषयों पर ब्राह्मणों में असंतोष उभरा था, जिसको साधने के लिए प्रदेश इकाई में उन्हें विशेष वरीयता दी गई है।

अभिजात मिश्रा को जहां महामंत्री बनाया गया, वहीं बृज बहादुर, अर्चना मिश्रा, शंकर गिरी, अंकुर शर्मा, यतेंद्र शर्मा, रजनी पांडे के अलावा अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में अवधेश द्विवेदी को अवसर दिया गया, वहीं कार्यालय मंत्री व सह मंत्री और अन्य भूमिकाओं में कई ब्राह्मणों को समायोजित किया गया। आठ से तीन महामंत्री अभिजात, उपेंद्र रावत व शंकर लोधी अवध क्षेत्र के हैं, जबकि पश्चिम क्षेत्र से कोई चेहरा महामंत्री नहीं बनाया गया।

धार्मिक व राजनीतिक केंद्र के रूप में उभरे ब्रज क्षेत्र से रामप्रताप सिंह व राजेश चौधरी को महामंत्री बनाने के साथ ही सबसे ज्यादा नौ पदाधिकारियों को स्थान दिया गया है। पश्चिम क्षेत्र से दिग्गज क्षत्रिय चेहरा सुरेश राणा को हरियाणा व बंगाल चुनाव में बेहतर जिम्मेदारी निभाने का फायदा मिला और उनकी उपाध्यक्ष पद पर लंबे समय बाद वापसी हुई। दिल्ली आइआइटी से पढ़े लिखे और पश्चिम क्षेत्र के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल को युवा जाट नेता के रूप में दोबारा उपाध्यक्ष बनाया गया है।

प्रदेश संगठन में लंबे समय तक पदाधिकारी व कई जिलों में चुनावी जमीन बनाने में भूमिका निभाने वाले मेरठ के जाट चेहरे देवेंद्र सिंह को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ा संदेश दिया गया है। सत्यपाल सैनी के रूप में पश्चिम में बड़े जातीय समूह में संदेश देने का प्रयास किया गया है। मथुरा में मांट के विधायक जाट चेहरा राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री जैसा अहम पद दिया गया है।

जाट समाज को गुर्जरों से ज्यादा प्रतिनिधित्व मिला। पिछली टीम में सुरेंद्र नागर के रूप में गुर्जर चेहरे को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था, जिन्हें बाद में राष्ट्रीय मंत्री बना दिया गया। इस बार महामेधा नागर को मंत्री बनाया गया है। हालांकि, पश्चिम क्षेत्र की कमान नवाब सिंह नागर को देकर पार्टी ने बड़ा दांव चला है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र नीरज सिंह के मिलनसार व्यवहार व उनकी जमीनी पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें उपाध्यक्ष बनाया है।

पंकज चौधरी के अध्यक्ष बनने के छह माह बाद गठित हुई कार्यकारिणी
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिसंबर में कार्यभार संभाला। तब से ही नई प्रदेश इकाई बनाने की चर्चा चल पड़ी, लेकिन संगठन छह माह बाद ही बन सका। प्रदेश इकाई में बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल, सुभाष यदुवंश, अनूप गुप्ता, अमरपाल मौर्य, त्रियंबक त्रिपाठी, अंजुला महौर, विजय बहादुर पाठक, संतोष सिंह, कांता कर्दम, डा.चंद्रमोहन, सुनीता दयाल, सलिल विश्नोई, मीना चौबे समेत दर्जनभर नामों को स्थान नहीं मिला।

रदेश उपाध्यक्ष के रूप में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डा.धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डा.कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को अवसर दिया गया है।

मंत्री पद के लिए विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विजय राजभर, प्रमेन्द्र जांगड़ा, किरण लोधी निषाद, राकेश बिंद मंत्री, संचिता सिंह चौहान (लुनिया), रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महामेधा नागर दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेंद्र शर्मा व आकांक्षा सोनकर के नाम पर मुहर लगी है। भारत दीक्षित कार्यालय मंत्री व अतुल अवस्थी व लक्ष्मण सिंह कार्यालय सह-मंत्री होंगे। दिनेश प्रताप सिंह मुख्य प्रवक्ता बनाए गए हैं, जबकि मनीष दीक्षित प्रदेश मीडिया संयोजक बने रहेंगे। हिमांशु राज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है।

सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल को पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उनकी जगह क्षेत्रीय महामंत्री रहे रामकिशोर साहू को क्षेत्रीय अध्यक्ष की कमान दी गई। ब्रज के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्गविजय शाक्य को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया, उनकी जगह बरेली के पूर्व जिलाध्यक्ष पूरण लाल लोधी क्षेत्रीय अध्यक्ष होंगे।

पश्चिम के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशौदिया किसी इकाई में जगह नहीं बना सके। उनकी जगह गुर्जर चेहरा व दो बार प्रदेश सरकार में मंत्री रहे नवाब सिंह नागर क्षेत्रीय अध्यक्ष बने हैं। अवध के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र प्रदेश इकाई से लेकर किसी मोर्चे में अपनी जगह नहीं बना सके।

उनकी जगह अंबेडकरनगर में कटेहरी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके अवधेश द्विवेदी अवध के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष होंगे। काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल को प्रमोट कर प्रदेश महामंत्री का महत्वपूर्ण पद दिया गया है। उनकी जगह क्षेत्रीय महामंत्री के रूप में लंबी पारी खेलने वाले अशोक चौरसिया क्षेत्रीय अध्यक्ष होंगे। गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे सहजानंद राय को प्रदेश मंत्री बनाया गया है।

उनकी जगह क्षेत्रीय अध्यक्ष का दायित्व आजमगढ़ के पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद राय को दिया गया। इसी प्रकार युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा को बनाया गया है। वह वर्ष 2016-17 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रहे हैं।

पिछड़ा वर्ग मोर्चा का दायित्व कानपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे प्रकाश पाल को मिला है, जबकि संगठन में लंबा अनुभव रखने वाले पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष व जाट चेहरा मेरठ के देवेंद्र चौधरी को किसान मोर्चा की कमान दी गई है। अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाह व अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विद्याभूषण गोंड होंगे।

 

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