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सुरक्षा दावों के बीच धनबाद में बढ़ा अवैध कोयला कारोबार, ड्रोन निगरानी भी नाकाम

धनबाद कोयला चोरी पर अंकुश लगाने के तमाम दावों के बावजूद धनबाद में अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरोप है कि कोयला चोरों को स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के कुछ कर्मियों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी जारी है। जनवरी से मई 2026 के…

सुरक्षा दावों के बीच धनबाद में बढ़ा अवैध कोयला कारोबार, ड्रोन निगरानी भी नाकाम

धनबाद
कोयला चोरी पर अंकुश लगाने के तमाम दावों के बावजूद धनबाद में अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरोप है कि कोयला चोरों को स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के कुछ कर्मियों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी जारी है।

जनवरी से मई 2026 के बीच कोयला चोरी के 522 मामले बीसीसीएल ने दर्ज किए गए। यह आंकड़ा बीसीसीएल मुख्यालय के पास दर्ज है। इसी को लेकर लगातार सुरक्षा एजेंसी, बीसीसीएल प्रंबधन के साथ समीक्षा भी हो रही है।

इस दौरान करीब 2972.13 मीट्रिक टन कोयला चोरी करने का प्रयास हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 2.37 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और संयुक्त अभियान के बावजूद चोरी की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।

कोयला कंपनियों और प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद चोरी के प्रयास जारी हैं। पांच महीनों में कुल 30 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कई मामलों में तकनीकी निगरानी के आधार पर कार्रवाई की गई।

मई में सबसे अधिक मामले सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। प्रशासन का मानना है कि संगठित गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई के बिना कोयला चोरी पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं होगा।

ड्रोन से 333 बार निगरानी, फिर भी नहीं थमी चोरी
कोयला चोरी रोकने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। जनवरी से मई तक कुल 333 बार ड्रोन सर्विलांस किया गया। निगरानी के आधार पर 140 कार्रवाई की गईं, लेकिन चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी।

जनवरी में 78, फरवरी में 87, मार्च में 120, अप्रैल में 109 और मई में 128 घटनाएं दर्ज होने के बावजूद पुलिस और प्रबंधन की ओर से लगातार कार्रवाई जारी है।

232 अवैध खनन स्थलों को किया गया बंद
अवैध खनन रोकने के लिए पांच महीनों में 232 अवैध माइनिंग साइटों को भरकर बंद किया गया। अप्रैल में सबसे अधिक 57 और मई में 51 स्थलों पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा मार्च में 44, फरवरी में 39 तथा जनवरी में 41 अवैध खनन स्थलों को बंद कराया गया।

आईसीसीसी की निगरानी से पकड़े गए 476 मामले
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की निगरानी से 476 मामले चिन्हित किए गए। इनमें 474 मामलों में कार्रवाई की गई तथा 118 मीट्रिक टन कोयला बरामद किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 10.12 लाख रुपये बताई गई है।

मानसून से पहले बढ़ी चुनौती
अधिकारियों के अनुसार मानसून से पहले अवैध खनन और कोयला चोरी की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए सीआईएसएफ, स्थानीय पुलिस और कोयला कंपनियों की सुरक्षा टीमों द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। रात में गश्त बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने की भी व्यवस्था की गई है।

सबसे ज्यादा मामले
मई : 128 मामले
मार्च : 120 मामले
अप्रैल : 109 मामले
फरवरी : 87 मामले
जनवरी : 78 मामले

 

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