,

VB-GRAM-G योजना पर मान सरकार का बड़ा फैसला, अधिसूचना जारी; पहले AAP ने किया था विरोध

चंडीगढ़  पंजाब में वीबी जी राम जी (विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन) योजना लागू हो गई है। राज्य सरकार ने स्कीम लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।पंजाब सरकार पहले इस योजना के विरोध में थी। योजना के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पास किया गया था। केंद्र की इस स्कीम…

VB-GRAM-G योजना पर मान सरकार का बड़ा फैसला, अधिसूचना जारी; पहले AAP ने किया था विरोध

चंडीगढ़ 
पंजाब में वीबी जी राम जी (विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन) योजना लागू हो गई है। राज्य सरकार ने स्कीम लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।पंजाब सरकार पहले इस योजना के विरोध में थी। योजना के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पास किया गया था। केंद्र की इस स्कीम के तहत एक वित्तीय वर्ष में ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की व्यवस्था की गई है। 

केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को रद्द करके विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण अधिनियम लाई थी। संसद से ये बिल पिछले साल दिसंबर में पारित हुआ था, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी। 

बता दें कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम को रद्द करके विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण अधिनियम लाया था. संसद से ये बिल पिछले साल दिसंबर में पारित हुआ था, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिली थी। 

कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने 2005 में MGNREGA शुरू किया था. इसके तहत ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन का काम मिलने की गारंटी दी गई थी. अब नए कानून के तहत, गारंटी वाले काम के दिनों की संख्या बढ़कर 125 हो गई है। 

पंजाब सरकार ने किया एक्ट का विरोध
विपक्ष शासित पांच राज्यों कर्नाटक, केरल, पंजाब, तेलंगाना और झारखंड ने VB-G Ram G एक्ट का विरोध करते हुए और MGNREGA योजना को बहाल करने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किए थे. पंजाब सरकार ने तर्क दिया था कि VB-G RAM G एक्ट का गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति समुदायों और ग्रामीण मजदूरों पर बुरा असर पड़ेगा, जो अपनी जीविका के लिए MGNREGA पर निर्भर हैं। 

योजना का उद्देश्य स्पष्ट
VB-G RAM G योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है। यह योजना प्रधानमंत्री मोदी के विकास के विजन को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में काम की तलाश करने वाले लोगों को 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकेगी।

आर्थिक सुधारों की दिशा में एक कदम
इस योजना का उद्देश्य न केवल रोजगार पैदा करना है, बल्कि ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा देना है। एएपी सरकार के इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि इससे राज्य के आर्थिक ढांचे में सुधार होगा और युवा वर्ग को रोजगार के अवसर मिलेंगे। योजना के तहत, कर्मचारियों को स्थायी नौकरी के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा।

गांवों में काम से होगी खुशहाली
VB-G RAM G योजना की लॉन्चिंग से ग्रामीण क्षेत्र में काम की प्रवृत्ति बढ़ने की उम्मीद है। इससे न केवल मजदूरों को काम मिलेगा, बल्कि इसके चलते स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। इस योजना का पूरा फायदा उन परिवारों को होगा जो रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे थे।

सरकार की तैयारियों में तेजी
पंजाब सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए आवश्यक संसाधनों और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं। यह योजना न केवल रोजगार बल्कि आजीविका के अवसर भी प्रदान करेगी, जिससे ग्रामीण लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।

आवश्यकता जन जागरूकता की
योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए सरकार को गांवों में जन जागरूकता अभियान चलाना होगा। लोगों को योजना की जानकारी और उसके लाभ समझाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें और इसका लाभ उठा सकें।

सरकार ने क्या कहा?
हालांकि, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा जताया कि VB-G Ram G एक्ट मजदूरों के जीवन में एक नए युग की शुरुआत करेगा. उन्होंने कहा कि इस योजना से जल संरक्षण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और सड़कें, पुल, पुलिया, स्कूल और आंगनवाड़ी भवन बनाए जा सकेंगे. केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 95,600 करोड़ रुपये से ज़्यादा का बजट आवंटित किया। 

1 जुलाई से लागू होगी योजना
शिवराज चौहान ने कहा, VB GRAM-G योजना 1 जुलाई से लागू हो रही है, जिससे बिना किसी रुकावट के पूरी तरह से सुचारू और कर्मचारी-केंद्रित बदलाव सुनिश्चित होना चाहिए. उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक स्कीम का बदलाव नहीं है, बल्कि करोड़ों मज़दूरों की ज़िंदगी और रोज़ी-रोटी से जुड़ा मामला है. एक भी मज़दूर एक दिन के लिए भी बिना काम के नहीं रहना चाहिए. रोज़गार पैदा करने, मज़दूरी के भुगतान या कानूनी अधिकारों में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। 

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने MGNREGA के तहत पहले ही 30,000 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए थे. इस नए आवंटन के साथ, स्कीम के तहत कुल फंड 1.25 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है। 

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports