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जयपुर में पोलियो अभियान की तैयारियां तेज, 75 हजार टीमें घर-घर जाकर पिलाएंगी दवा

जयपुर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून से 30 जून तक राज्य के 1.04 करोड़ से अधिक बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के प्रथम दिन 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों को बूथ पर दवा पिलाई…

जयपुर में पोलियो अभियान की तैयारियां तेज, 75 हजार टीमें घर-घर जाकर पिलाएंगी दवा

जयपुर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून से 30 जून तक राज्य के 1.04 करोड़ से अधिक बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के प्रथम दिन 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों को बूथ पर दवा पिलाई जाएगी तथा अगले 2 दिन पर घर-घर जाकर टीमों के द्वारा बच्चों को खुराक पिलाई जाएगी ताकि दवा पीने से कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहे।

खींवसर ने बताया कि 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाने के लिए प्रदेश में 59 हजार 217 बूथ स्थापित किए गए हैं एवं 75 हजार 232 टीमें बनाई गई हैं, जो पोलियो की खुराक पिलाएगी। इसमें 7011 ट्रांजिट व 9004 मोबाइल टीम भी है। अभियान के दौरान 1.38 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य विभागों के कार्मिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि अभियान के पहले दिन सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी, एएनएम, आशा सहयोगिनी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात रहेंगे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे 5 वर्ष तक के अपने बच्चों को बूथों पर लाकर पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि तीन दिन के अभियान के लिए मोबाइल एवं ट्रांजिट टीम द्वारा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं अन्य आवागमन स्थलों पर आने जाने वाले बच्चों को भी दवा पिलाई जाएगी। अभियान में घुमक्कड़ जनजाति के डेरों, ईंट भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के पांच साल तक बच्चों और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों का भी ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए चिकित्सा विभाग, आईसीडीएस, आयुर्वेद विभाग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य विभागों से सहयोग लेते हुए वैक्सीनेटर्स एवं मॉनिटर्स की व्यवस्था की गई है ताकि एक भी बच्चा वंचित नहीं रहे।

भारत में वर्ष 1995 में पल्स पोलियो अभियान के शुरूआत की गई। जनवरी, 2011 के पश्चात गत 15 वर्षों में भारत में कोई भी पोलियो का नया केस नहीं पाया गया है। 27 मार्च, 2014 को भारत को पल्स पोलियो मुक्त प्रमाण पत्र मिल चुका है। वर्ष 2026 में अभी तक पाकिस्तान में 3, अफगानिस्तान मे 4 पोलियो पाए गए हैं।

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