,

महंत अवैद्यनाथ के संकल्प से बदला शहजादपुर मंदिर, आज बना भव्य सिद्धपीठ

अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में स्थित शहजादपुर मोहल्ले में श्रीराम जानकी सिद्धपीठ एक ऐसा मंदिर है जो 120 साल की आस्था,संघर्ष और पुनर्जागरण की जीवंत कहानी कहता है। आज यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। वर्ष 1904 में देश में अंग्रेजों का राज था। लेकिन, यहां के जमींदारों…

महंत अवैद्यनाथ के संकल्प से बदला शहजादपुर मंदिर, आज बना भव्य सिद्धपीठ

अम्बेडकरनगर
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में स्थित शहजादपुर मोहल्ले में श्रीराम जानकी सिद्धपीठ एक ऐसा मंदिर है जो 120 साल की आस्था,संघर्ष और पुनर्जागरण की जीवंत कहानी कहता है। आज यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। वर्ष 1904 में देश में अंग्रेजों का राज था। लेकिन, यहां के जमींदारों के मन में राम भक्ति की लौ जल रही थी। शहजादपुर के जमींदारों ने लगभग पांच बिस्वा जमीन भगवान राम को समर्पित की। उस जमीन पर एक मंदिर बनाया गया। वह मंदिर मिट्टी और गारे से बना था। उसकी दीवारें मोटी और मजबूत थीं। मंदिर सादा था लेकिन भक्ति से भरा हुआ था। श्रीराम-जानकी मंदिर का किया था निर्माण

मंदिर में भगवान श्रीराम
माता जानकी, लक्ष्मण जी और बजरंगबली के विग्रह स्थापित किए गए। हर रोज पूजा, भोग और आरती होती थी। यह सिलसिला पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहा। जमींदार परिवार के वंशज अवधेश कुमार मेहरोत्रा ने इस जिम्मेदारी को पूरी लगन से निभाया।

मंदिर की इमारत जर्जर हो गई
समय बीतता गया, मंदिर में पूजा तो होती रही लेकिन इमारत कमजोर होने लगी। मिट्टी और गारे की दीवारों में दरारें आ गईं। छत से पानी टपकने लगा। जो मंदिर कभी मोहल्ले की शान था वह अब जर्जर हो चला था। भक्तों के मन में दुख था। पैसे नहीं थे और कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। तभी एक बड़ा बदलाव आया जिसने इस मंदिर की किस्मत पलट दी।

महंत अवैद्यनाथ का आना और एक बड़ा संकल्प
वर्ष 1992 में पूरे देश में राम जन्मभूमि का आंदोलन चल रहा था। अयोध्या में राम मंदिर का सपना करोड़ों लोगों के दिल में था इस आंदोलन के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे गोरक्षा पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ जी महाराज। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरु भी थे। अपनी धर्म यात्रा के दौरान वे शहजादपुर के इस मंदिर में आए। मंदिर को जर्जर हालत देखकर उनका मन दुखी हो गया। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी राम भक्ति में लगाई थी। उनसे यह हालत देखी नहीं गई। उन्होंने उसी समय संकल्प लिया कि यह मंदिर भव्य बनेगा। उनका यह संकल्प एक दिव्य आशीर्वाद बन गया।

मंदिर का नया अध्याय हुआ शुरू
महंत अवैद्यनाथ के आशीर्वाद से 23 फरवरी 2015 को मंदिर के पुनर्निर्माण का काम शुरू हुआ। यह दिन इस मंदिर के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। स्थानीय भक्तों, दानदाताओं और ट्रस्ट के लोगों ने मिलकर यह काम शुरू किया। करीब तीन साल तक निर्माण चलता रहा। हर ईंट में भक्ति और मेहनत की छाप थी। धीरे धीरे एक टूटा हुआ मंदिर एक भव्य सिद्धपीठ में बदल गया।

आज का भव्य मंदिर
आज यह मंदिर लगभग 7000 वर्ग फुट में फैला हुआ है। यह दो मंजिला बन चुका है। मंदिर में कदम रखते ही एक अलग शांति और ऊर्जा का अहसास होता है। यहां कुल पांच दरबार हैं। पहला है श्रीराम दरबार जहां भगवान राम, माता जानकी और लक्ष्मण जी के विग्रह हैं। यह मंदिर का मुख्य दरबार है। दूसरा है माता जगदंबा दरबार जहां माँ की कृपा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। तीसरा है संकटमोचन बजरंगबली दरबार जहां हनुमान जी भक्तों को शक्ति और साहस देते हैं। चौथा है भगवान शिव दरबार जहां शिव भक्त अपनी पूजा करते हैं। पांचवां है श्री राधा-कृष्ण दरबार जो प्रेम और भक्ति का प्रतीक है।

धार्मिक यात्रियों के लिए खास जगह
श्रीराम जानकी मंदिर ट्रस्ट हर रोज सभी पांचों दरबारों में पूजा, भोग और आरती कराता है। सुबह मंगला आरती से लेकर रात की शयन आरती तक मंदिर में भक्ति का माहौल रहता है। पूरे साल यहां कई धार्मिक आयोजन होते हैं। रामनवमी पर शोभायात्रा और अखंड रामायण पाठ होता है। हनुमान जयंती पर सुंदरकांड पाठ और भंडारा होता है। जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण दरबार में सुंदर झांकियां सजती हैं। नवरात्रि में माता दरबार में नौ दिन का महोत्सव मनाया जाता है। सावन में शिव दरबार में खास अभिषेक होता है।

अगर आप उत्तर प्रदेश की धार्मिक यात्रा पर हैं तो इस मंदिर जरूर आएं। अयोध्या, वाराणसी या प्रयागराज के दर्शन के साथ यहां भी दर्शन करें। यह मंदिर आपकी यात्रा को और पवित्र बना देगा। यहां आकर आप पांचों दरबारों में पूजा कर सकते हैं। एक महान संत के संकल्प की शक्ति को महसूस कर सकते हैं। 120 साल की यह यात्रा आज एक नए मोड़ पर है। शहजादपुर का यह सिद्धपीठ अब सिर्फ एक मंदिर नहीं है। यह सनातन धर्म की ताकत का, एक महान गुरु के संकल्प का और लाखों भक्तों की आस्था का जीवंत प्रमाण है।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports