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ज्वार और बाजरा खेती पर हरियाणा सरकार देगी सब्सिडी, किसानों के लिए नई योजना शुरू

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने ज्वार और बाजरा की खेती करने वाले किसानों के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (पोषक-अनाज) के तहत अनुदान योजना शुरू की है। योजना के तहत किसानों को प्रदर्शन प्लांट लगाने, प्रमाणित बीज खरीदने, पोषक तत्व प्रबंधन और पौध संरक्षण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए आवेदन…

ज्वार और बाजरा खेती पर हरियाणा सरकार देगी सब्सिडी, किसानों के लिए नई योजना शुरू

चंडीगढ़ 
हरियाणा सरकार ने ज्वार और बाजरा की खेती करने वाले किसानों के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (पोषक-अनाज) के तहत अनुदान योजना शुरू की है। योजना के तहत किसानों को प्रदर्शन प्लांट लगाने, प्रमाणित बीज खरीदने, पोषक तत्व प्रबंधन और पौध संरक्षण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए आवेदन 16 जून से शुरू हो चुके हैं। इसका लाभ लेने के लिए किसान हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

इस योजना का उद्देश्य ज्वार और बाजरा का उत्पादन बढ़ाना, खेती की लागत कम करना, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करना है। इसके साथ ही सरकार बेहतर बीजों के इस्तेमाल और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना चाहती है। यह योजना फिलहाल हरियाणा के भिवानी, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, महेंद्रगढ़, मेवात, रेवाड़ी, रोहतक और चरखी दादरी सहित 10 ज़िलों में लागू है।

किन कामों पर मिलेगा अनुदान?
खरीफ़ सीज़न में ज्वार और बाजरा के समूह प्रदर्शन प्लांट लगाने पर किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता मिलेगी। एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक इसका लाभ ले सकता है। यानी अधिकतम 15000 रुपये का अनुदान ले सकता है। प्रत्येक क्लस्टर 25 एकड़ का होगा और एक ही किसान को लगातार दो वर्षों तक एक ही क्लस्टर में दोबारा लाभ नहीं मिलेगा। कृषि सामग्री खरीदने के बाद उसकी रसीद पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

योजना के तहत प्रमाणित बीज खरीदने पर भी अनुदान मिलेगा। 10 वर्ष से कम पुरानी किस्मों के बीज पर 3,000 रुपये प्रति एकड़ या लागत का 50 प्रतिशत (जो कम हो), 10 वर्ष से अधिक पुरानी किस्मों के बीज पर 1,500 रुपये प्रति एकड़ या लागत का 50 प्रतिशत (जो कम हो) और संकर बीज पर 10,000 रुपये प्रति एकड़ या लागत का 50 प्रतिशत (जो कम हो) सहायता मिलेगी। इस मद में एक किसान अधिकतम 2.5 एकड़ तक लाभ ले सकता है। जिस किसान को एक बार सहायता मिल जाएगी, वह अगले दो वर्षों तक इसी मद में दोबारा सहायता नहीं ले सकेगा।

पोषक तत्व और पौध संरक्षण पर भी मिलेगी सहायता
सूक्ष्म पोषक तत्व, चूना, जिप्सम, सल्फर आधारित उर्वरक, जैव उर्वरक और अन्य मृदा सुधारकों की खरीद पर 1,000 रुपये प्रति एकड़ या लागत का 50 प्रतिशत (जो कम हो) अनुदान मिलेगा। इसी तरह पौध संरक्षण के लिए आईपीएम, जैव-कीटनाशक, पीपी रसायन और खरपतवारनाशकों की खरीद पर भी 1,000 रुपये प्रति एकड़ या लागत का 50 प्रतिशत (जो कम हो) सहायता दी जाएगी। इन दोनों मदों में एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक लाभ ले सकता है और सहायता मिलने के बाद अगले दो वर्षों तक उसी मद में दोबारा लाभ नहीं मिलेगा।

योजना का लाभ लेने के लिए किसान 18 जुलाई 2026 तक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग वेबसाइट agriharyana. gov. in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि सामग्री हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार की सिफ़ारिश के अनुसार सरकारी, अर्द्धसरकारी, सहकारी समिति या अधिकृत विक्रेता से खरीदनी होगी। योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करना भी ज़रूरी होगा।

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