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चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है – राज्यपाल डेका

रायपुर चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है राज्यपाल  रमेन डेका ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर आज विमतारा भवन में सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ एवं जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी द्वारा आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में चिकित्सकों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक और…

चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है – राज्यपाल  डेका

रायपुर

चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है

राज्यपाल  रमेन डेका ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर आज विमतारा भवन में सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ एवं जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी द्वारा आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में चिकित्सकों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का महत्व बढ़ा है, लेकिन रोगी के प्रति मानवीय संवेदनाएं, आत्मीय व्यवहार और नैतिक मूल्यों के साथ की गई चिकित्सा ही समाज का विश्वास मजबूत करती है।

चिकित्सा में आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी है

राज्यपाल ने कहा कि डॉक्टर का मधुर व्यवहार कई दवाइयों से भी अधिक प्रभावी होता है। मरीज के लिए चिकित्सक भगवान के समान होता है और उसे वास्तविक संतोष तभी मिलता है, जब डॉक्टर स्वयं उसका शारीरिक परीक्षण कर उसकी स्थिति को समझे। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच तकनीकों का अपना महत्व है, लेकिन मरीज का मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से उपचार भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि देश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन फैमिली डॉक्टर अथवा पड़ोस के डॉक्टर की परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। इस परंपरा को बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे चिकित्सक परिवारों के स्वास्थ्य और विश्वास का महत्वपूर्ण आधार होते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले हमारे देश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिकित्सक इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाकर अनेक रोगों की रोकथाम की जा सकती है।

उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताते हुए कहा कि चिकित्सकों को इस दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती लत पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इनका उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार होना चाहिए। एआई अनेक क्षेत्रों में उपयोगी है, लेकिन मानव मस्तिष्क की संवेदनशीलता, विवेक और निर्णय क्षमता का कोई विकल्प नहीं हो सकता।

राज्यपाल ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को सोचनीय बताते हुए कहा कि नशे की लत से ग्रस्त लोगों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करते हुए उनका उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने सिक्ख समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सेवा कार्यों की सराहना भी की।
राज्यपाल ने सिक्ख समाज के कार्यक्रम में समाज के चिकित्सकों तथा जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, जेसीआई रायपुर मेडिको सिटी के अध्यक्ष डॉ. निखिल मोती रामानी, सचिव डॉ. अविनाश तिवारी, सिक्ख समाज के अध्यक्ष  महेंद्र सिंह छाबड़ा, एम्स रायपुर के निदेशक डॉ. अशोक जिंदल, रिम्स के निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार वाधवा, वरिष्ठ चिकित्सक, सिक्ख समाज के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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