भोपाल
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में शुक्रवार को सम्पन्न हुई बोर्ड ऑफ ट्रेड की महत्वपूर्ण बैठक में मध्यप्रदेश की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश की निर्यात क्षमता, औद्योगिक विकास एवं निवेश संभावनाओं पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
बोर्ड बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, देश के प्रमुख उद्योगपति, निर्यातक, व्यापार बोर्ड के सदस्य, विभिन्न राज्यों के मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
एमएसएमई मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के प्रयासों से संपन्न हुए 9 मुक्त व्यापार समझौते भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हैं। उन्होंने सभी राज्यों से इन समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने तथा निर्यात को नई गति देने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
मंत्री काश्यप ने कहा कि भारत को वर्ष 2030-31 तक 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर निर्यात के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचाने में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य निर्यात वृद्धि के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश ने राज्य निर्यात नीति, जिला निर्यात कार्य योजनाओं, जिला निर्यात संवर्धन परिषदों, राज्य स्तरीय निर्यात संवर्धन परिषद तथा 'एक जिला–एक उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से मजबूत निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है। प्रदेश का वस्तु निर्यात लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आगामी वर्षों में इसे और अधिक गति देने के लिए ठोस रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का टेक्सटाइल, फार्मा एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र तेजी से निर्यात वृद्धि का आधार बन रहा है।
मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश में देश का पहला पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 36 औद्योगिक इकाइयों के साथ ₹26,000 करोड़ से अधिक के निवेश समझौते हो चुके हैं तथा भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। साथ ही, उन्होंने इंदौर में टेक्सटाइल टेस्टिंग फैसिलिटी तथा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए जाने का भी अनुरोध किया, जिससे प्रदेश के निर्यातकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मंत्री काश्यप ने बताया कि प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग पार्क तथा भोपाल के निकट सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मोबाइल विनिर्माण को नई गति मिलेगी। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित किए जाने की आवश्यकता भी रेखांकित की।
उन्होंने कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने हाल के महीनों में 20 नए जीआई टैग प्राप्त किए हैं, जिनमें अधिकांश कृषि एवं उद्यानिकी उत्पाद शामिल हैं। इन उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना आवश्यक है, ताकि वैश्विक बाजारों की गुणवत्ता आवश्यकताओं को आसानी से पूरा किया जा सके।
उन्होंने मध्यप्रदेश के भूमि बैंक की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 13 स्थानों की पहचान की गई है तथा लगभग 12,000 एकड़ भूमि निवेशकों के लिए उपलब्ध कराई गई है। यह औद्योगिक विकास एवं बड़े निवेश आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री काश्यप ने लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को निर्यात वृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में संचालित आई सी डी पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। इसे देखते हुए उन्होंने जबलपुर एवं रीवा क्षेत्र में नए आई सी डी तथा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने का अनुरोध किया, जिससे पूर्वी मध्यप्रदेश के उद्योगों एवं निर्यातकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव एवं इको-टूरिज्म की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। चीता परियोजना की सफलता तथा वन्य पर्यटन की बढ़ती संभावनाएं प्रदेश को विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन भी विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक सशक्त माध्यम है और इसके लिए विशेष रणनीति तैयार किए जाने की आवश्यकता है।
मंत्री काश्यप ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन,, ई मार्केट प्लेस,,जेम सहित विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इनका लाभ अधिक से अधिक एमएसएमई स्टार्टअप्स,ओ डी ओ पी उत्पादकों एवं नए निर्यातकों तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश जैसे लैंड-लॉक्ड राज्यों को LIFT योजना में शामिल करने तथा FTA के प्रभावी उपयोग हेतु जिला एवं क्लस्टर स्तर पर विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाने का भी सुझाव दिया। मंत्री काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, निर्यात संवर्धन एवं निवेश आकर्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश न केवल राष्ट्रीय निर्यात लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण एवं निर्यात शक्ति बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।
















