भोपाल
भोपाल में 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0' का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक हब बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक और नीति विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से विकास करने वाले देशों में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान पहले केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन अब प्रदेश में ड्रोन से लेकर मिसाइल तक का निर्माण हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में 51 प्रकार की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से प्रदेश में करीब 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का यह तीसरा संस्करण है। पिछले वर्ष वे बार्सिलोना गए थे, जिसके बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में 228 करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में बार्सिलोना यात्रा के दौरान 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए एमओयू हुआ था और अब उस कंपनी के प्रतिनिधि भोपाल पहुंच चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भविष्य की तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। एआई डेटा सेंटर, साइंस सिटी और अन्य हाई-टेक सेक्टर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन रहे हैं।
इंदौर के सुपर कॉरिडोर में बनेगा नया आईटी पार्क इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 3,000 वर्गफुट क्षेत्र में आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां विश्वस्तरीय कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए तुरंत अपना संचालन शुरू कर सकें।
भोपाल आईटी पार्क का होगा विस्तार भोपाल आईटी पार्क में करीब 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में एक अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां भी विश्वस्तरीय डिजिटल सेवा कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कोलार रोड पर भी बनेगा नया आईटी पार्क भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि पर एक नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा, जिसमें आईटी और डिजिटल सेक्टर की कंपनियों को संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नवाचार, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को हाई-टेक उद्योगों का केंद्र बनाना है। कार्यक्रम के जरिए सेमीकंडक्टर (चिप निर्माण), डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
इन बड़े उद्योगों के प्रदेश में आने से आईटी (IT), इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतरीन और उच्च वेतन वाली नौकरियां मिलेंगी।
कार्यक्रम में तकनीकी विजन और निवेश पर रहा फोकस
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में आज राज्य सरकार के तकनीकी विजन को दुनिया के सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों और समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान होगा, जो राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा
इस कॉन्क्लेव में सीटीआरएलएस (CtrlS) डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी देश-विदेश की नामी और प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हो रही हैं। इन कंपनियों के प्रतिनिधि आज निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे।
साथ ही, आईआईएम इंदौर (IIM Indore) और आईआईएसईआर (IISER) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी इसमें शामिल हैं, जो युवाओं के कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे।
पिछले आयोजनों का रिकॉर्ड
एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो आयोजनों ने प्रदेश में निवेश की रफ्तार को नई गति दी है। इसके पहले एडिशन (कॉन्क्लेव 1.0) में राज्य को 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बने।
वहीं दूसरे एडिशन (कॉन्क्लेव 2.0) में 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया, जिससे 48 हजार युवाओं को रोजगार मिला। आज शुरू हो रहा तीसरा संस्करण इस सफलता को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
















