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नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने सरकार दृढ़ संकल्पित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 जागरूकता अभियान' ने सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत समाज को जागृत करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद को डेडलाइन से पहले खत्म कर दिया गया है। प्रदेश…

नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने सरकार दृढ़ संकल्पित

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 जागरूकता अभियान' ने सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत समाज को जागृत करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने नक्सलवाद को डेडलाइन से पहले खत्म कर दिया गया है। प्रदेश से अब लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया गया है। राज्य सरकार पुलिस विभाग में पदोन्नति के साथ सभी अच्छे कार्यों के लिए साथ खड़ी है। नशे का कोई भी प्रकार एक व्यक्ति और समाज को नष्ट करता है। वर्तमान दौर में नशे की कई प्रकार की चुनौतियां हैं। हमारी सरकार ने नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए 19 धार्मिक स्थलों के आसपास नशा और शराबबंदी लागू की है। नशा मुक्ति अभियान में धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवीन्द्र भवन में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान की पूर्व संध्या पर आयोजित शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशा मुक्त मध्यप्रदेश बनाने और नशा न करने की शपथ दिलवाई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले कहा जाता था कि अगर किसी को बर्बाद करना है तो उसे नशे की लत लगा दो, पूरा परिवार अपने आप खत्म हो जाएगा। राज्य सरकार हर तरह के नशे के खिलाफ कठोर कदम उठा रही है। इसमें समाजिक जागृति की भी आवश्यकता भी है। प्रदेश की पुलिस नशे के अवैध कारोबार में लिप्त संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों से भी आवश्यक समन्वय कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में मध्यप्रदेश पुलिस भावी पीढ़ी को स्कूल, कॉलेज में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर हेल्पलाइन और काउंसलिंग कर नशे से दूरी बनाने के लिए प्रेरित कर रही है। नशे के आदी व्यक्तियों के पुनर्वास के कार्य भी तेजी से चल रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशा हर तरह से समाज को बर्बाद करता है। इसलिए नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ नरमी छोड़ें और सख्ती से पेश आएं। नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जो नजीर बन जाए। राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। स्कूल और कॉलेजों में नशा मुक्ति के लिए कोर्स भी शुरू किए गए हैं। पुलिक महानिदेशक  कैलाश मकवाणा की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि  मकवाणा के परिवार में आई दु:ख की घड़ी में हम सभी साथ हैं।

विभागों के समन्वय की सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशे के विरूद्ध अभियान को सफल बनाने के लिए विभागों के आपसी समन्वय की सराहना की। सामाजिक न्याय विभाग ने जहां प्रचार-प्रसार सामग्री जैसे टी-शर्ट, बैनर, बैज आदि का प्रकाशन किया, वहीं पुलिस विभाग ने सामुदायिक सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत युवाओं में नशा मुक्ति के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए। उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य तथा इस विषयक चार-क्रेडिट कोर्स लाँच किये गये। इससे युवाओं को अच्छे नागरिक बनने, नशे से मुक्त रहने तथा सामाजिक सुरक्षा की भावना विकसित करने की प्रेरणा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, स्कूल शिक्षा विभाग के साथ पुलिस ने लगातार स्कूली छात्रों को सामाजिक सुरक्षा एवं अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा जन सुरक्षा संवाद एवं सुरक्षा से संबंधित पुस्तिका का प्रकाशन किया।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने भारत को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसी उद्देश्य से सामाजिक न्याय विभाग कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस के पिछले वर्ष अभियान को अभूतपूर्व सफलता मिली। समाज के हर वर्ग को जोड़कर सभी स्कूलों और कॉलेजों में जागरुकता कार्यक्रम को आयोजित किए गए। नशा, नाश की जड़ है, यह पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। मध्यप्रदेश में भी नशा मुक्ति अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण होगा। सामाजिक न्याय विभाग, पुलिस के साथ मिलकर जन जागरूकता अभियान को आगे बढ़ा रहा है।

विशेष पुलिस महानिदेशक  पंकज कुमार वास्तव ने कहा कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 जागरूकता अभियान' 15 जुलाई से 30 जुलाई तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। इस अभियान में एनसीसी, एनएसएस, खेल एवं व्यापारिक समितियों और नागरिक समितियों के माध्यम से लोगों को जागरुक करेंगे। पहले अभियान ने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना स्थान दर्ज कराया। ब्रिटेन की संसद में भी मध्यप्रदेश पुलिस की इस पहल को सराहना मिली। दुनिया में 33 करोड़ से अधिक लोग नशे की लत से पीड़ित हैं। इनमें से 25 करोड़ से अधिक लोग गांजा, 6 करोड़ से अधिक लोग अफीम से बनने वाले मादक पदार्थों के शिकार हैं। पूर्वी देशों में नशे का उत्पादन बढ़ना चिंताजनक है। मध्यप्रदेश पुलिस एमडी ड्रग और अन्य नशीली दवाओं की बिक्री करने वालों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कारगर और कठोर कार्रवाई कर रही है।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह  संजय शुक्ला, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, सामाजिक न्याय विभाग की प्रमुख सचिव  सोनाली पोंक्षे वायंगणकर, धार्मिक संस्थाओं के सदस्यों, प्रमुखों सहित बड़ी संख्या में पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में राष्ट्रगीत वंदे मारतम् का गायन हुआ। अतिथियों का स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह दिए गए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नार्कोटिक्स)  डी. निवास वर्मा ने आभार व्यक्त किया।

 

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