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शराब बिक्री से झारखंड को बड़ा राजस्व, पहली तिमाही में 105 करोड़ अधिक

रांची  उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को तीन महीने में लक्ष्य से 105 करोड़ रुपये अधिक का राजस्व मिला है। राजस्व का यह आंकड़ा चालू वित्तीय वर्ष के पहली तिमाही का है। एक अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक उत्पाद विभाग ने सभी 24 जिलों के लिए 1167 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य…

शराब बिक्री से झारखंड को बड़ा राजस्व, पहली तिमाही में 105 करोड़ अधिक

रांची
 उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को तीन महीने में लक्ष्य से 105 करोड़ रुपये अधिक का राजस्व मिला है। राजस्व का यह आंकड़ा चालू वित्तीय वर्ष के पहली तिमाही का है।

एक अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक उत्पाद विभाग ने सभी 24 जिलों के लिए 1167 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा था। विभाग ने न सिर्फ इसे पूरा किया बल्कि इस तीन महीने की अवधि में 1272 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जो लक्ष्य से 105 करोड़ रुपये अधिक है।

विभाग का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों में सावन से लेकर नवरात्र तक शराब की बिक्री घटती है। इस अवधि में राजस्व गिरता है।

दीपावली व छठ के बाद फिर शराब की बिक्री बढ़ने लगती है, जिससे राजस्व बढ़ने लगता है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी विभाग 4200 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व लक्ष्य हासिल करेगा।

गर्मी में बीयर की बिक्री ने बढ़ाया राजस्व
उत्पाद अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में राज्य में बीयर की बिक्री सर्वाधिक होती है। राजस्व लक्ष्य को पार करने के पीछे यही तर्क दिया जा रहा है कि बीयर की बिक्री ने राजस्व लक्ष्य को हासिल कराया है।

यह स्थिति जुलाई के अंतिम सप्ताह तक रहेगी। सावन शुरू होने के बाद बीयर की बिक्री की घटती है और सावन समाप्त होते ही एक बार फिर बीयर की बिक्री बढ़ती है। इसके चलते राजस्व में उतार-चढ़ाव आता है।

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