राहुल द्रविड़ की हो सकती है कोचिंग में वापसी, अचानक बदले हालात, रेस में सबसे मजबूत दावेदारी

नई दिल्ली राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले कोच बन सकते हैं.ब्रैंडन मैकुलम को टेस्ट कोच के पद से हटाए जाने के बाद द्रविड़ का नाम सामने आया है. हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली 1-2 की करारी शिकस्त के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने मैकुलम को बर्खास्त…

राहुल द्रविड़ की हो सकती है कोचिंग में वापसी, अचानक बदले हालात, रेस में सबसे मजबूत दावेदारी

नई दिल्ली
राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के अगले कोच बन सकते हैं.ब्रैंडन मैकुलम को टेस्ट कोच के पद से हटाए जाने के बाद द्रविड़ का नाम सामने आया है. हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली 1-2 की करारी शिकस्त के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने मैकुलम को बर्खास्त करने का फैसला किया. द्रविड़ के साथ दो अन्य दिग्गज भी कोच की रेस में हैं। 

 एक रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने मैकुलम के विकल्प के रूप में कुछ चुनिंदा नामों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिसमें राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का नाम प्रमुखता से शामिल है. द्रविड़ के अलावा इस लिस्ट में इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज कोच एंडी फ्लावर (Andy Flower) और पूर्व इंग्लिश स्पिनर रिचर्ड डॉसन का नाम भी रेस में आगे चल रहा है. न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के बाद मैकुलम का इंग्लैंड टेस्ट टीम के साथ चार साल का सफर समाप्त हो गया. ईसीबी का मानना है कि अगले साल होने वाली प्रतिष्ठित एशेज सीरीज से पहले टीम में बदलाव के लिए यह बिल्कुल सही समय है. हालांकि, मैकुलम इंग्लैंड की सीमित ओवरों (वनडे और टी20) की टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे। 

मैकुलम का सफर, घर में शेर, विदेश में ढेर
ब्रैंडन मैकुलम के चार साल के कार्यकाल के दौरान इंग्लैंड ने कुल 49 टेस्ट मैच खेले, जिनमें से टीम को 27 में जीत और 20 में हार का सामना करना पड़ा. इस दौरान इंग्लैंड का प्रदर्शन घरेलू मैदानों पर तो शानदार रहा, जहां उन्होंने 28 में से 18 मैच जीते. लेकिन विदेशी पिचों पर टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. विदेश में खेले 21 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड को सिर्फ 9 में जीत मिली, जबकि उन्हें भारत (2023-24) और पाकिस्तान (2024-25) के दौरों पर शर्मनाक सीरीज हार झेलनी पड़ी. इसी खराब प्रदर्शन के चलते आखिरकार बोर्ड को कड़ा फैसला लेना पड़ा। 

क्यों है द्रविड़ पर ईसीबी की नजर?
53 वर्षीय राहुल द्रविड़ की गिनती दुनिया के सबसे समझदार और रणनीतिक रूप से मजबूत कोचों में होती है. उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता और 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल तक का सफर तय किया. द्रविड़ की बारीक कोचिंग शैली, अनुशासन और रेड-बॉल (टेस्ट) क्रिकेट की गहरी समझ के कारण ही इंग्लैंड बोर्ड उन्हें इस पद के लिए सबसे उपयुक्त मान रहा है। 

क्या द्रविड़ संभालेंगे कमान?
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल द्रविड़ की दोबारा पूर्णकालिक कोचिंग में लौटने की कोई खास इच्छा नहीं है. हालांकि, इंग्लैंड के टेस्ट कोच का पद उनके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें उन्हें घर पर बिताने के लिए लंबा समय मिलेगा और साथ ही अपने पसंदीदा प्रारूप (टेस्ट क्रिकेट) को जिंदा रखने में योगदान देने का मौका भी मिलेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि इंग्लैंड को कम से कम एक बार द्रविड़ की इच्छा और रुचि को जरूर टटोलना चाहिए। 

रेस में शामिल अन्य दिग्गज दावेदार
द्रविड़ के अलावा इंग्लैंड के मुख्य कोच पद की रेस में कई और बड़े नाम भी शामिल हैं. जिम्बाब्वे के पूर्व दिग्गज और इंग्लैंड के पूर्व कोच एंडी फ्लावर इस रेस में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक हैं. उनके पिछले कार्यकाल में इंग्लैंड ने तीन बार एशेज सीरीज जीती थी और आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 का स्थान हासिल किया था. इसके अलावा, फ्लावर का फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड रहा है, जहां हाल ही में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दो आईपीएल खिताब दिलाए हैं। 

ग्लेमोर्गन के मौजूदा मुख्य कोच डॉसन को काउंटी क्रिकेट में उनकी बेहतरीन रणनीतिक सूझबूझ और कोचिंग कौशल के लिए जाना जाता है, जिसके चलते उन्हें भी एक गंभीर दावेदार माना जा रहा है. इस शॉर्टलिस्ट में श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा, इंग्लैंड लायंस के कोच एंड्रयू फ्लिंटॉफ, पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर के नाम भी शामिल हैं। 

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