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ग्वालियर की 7 ट्रांसमिशन लाइनों का रिकॉर्ड, 4 साल से बिना ब्रेकडाउन जारी है बिजली पारेषण

ग्वालियर की 7 ट्रांसमिशन लाइनों ने रचा कीर्तिमान, चार वर्षों से बिना ब्रेकडाउन जारी है बिजली पारेषण एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी लाइनों का भी उल्लेखनीय रिकॉर्ड ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की ग्वालियर क्षेत्र की 7 महत्वपूर्ण एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनों ने…

ग्वालियर की 7 ट्रांसमिशन लाइनों का रिकॉर्ड, 4 साल से बिना ब्रेकडाउन जारी है बिजली पारेषण

ग्वालियर की 7 ट्रांसमिशन लाइनों ने रचा कीर्तिमान, चार वर्षों से बिना ब्रेकडाउन जारी है बिजली पारेषण

एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी लाइनों का भी उल्लेखनीय रिकॉर्ड

ग्वालियर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की ग्वालियर क्षेत्र की 7 महत्वपूर्ण एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनों ने पिछले चार वर्षों (करीब 1500 दिन) से बिना किसी ब्रेकडाउन के निर्बाध विद्युत पारेषण कर उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया है। आंधी-तूफान, तेज बारिश, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक चुनौतियों और अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों के बावजूद इन लाइनों का सतत एवं विश्वसनीय संचालन जारी है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि पूरे प्रदेश में एमपी ट्रांसको की ग्वालियर की सात ट्रांसमिशन लाइनों समेत 593 ईएचवी ट्रांसमिशन लाइनों ने भी चार वर्षों से बिना किसी ब्रेकडाउन के सफलतापूर्वक संचालन कर विद्युत पारेषण व्यवस्था की मजबूती और विश्वसनीयता को प्रमाणित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा अनुरक्षण कार्य में लगे आउटसोर्स कर्मियों की प्रतिबद्धता, दक्षता और समर्पण का परिणाम है।

ग्वालियर की ये 7 लाइनें बनीं सफलता की मिसाल

ग्वालियर क्षेत्र की जिन ट्रांसमिशन लाइनों ने यह उपलब्धि हासिल की है, उनमें 1981 की निर्मित 132 केवी महलगांव – मोतीझील लाइन, 1985 मे बनी 132 केवी महलगांव -रेलवे ट्रैक्सन लाइन, 1986 से ऊर्जीकृत 132 केवी मोतीझील -बामोर लाइन, के अलावा 132 के वी महलगांव – ग्वालियर II(सिथौली) लाइन,,132 केवी ग्वालियर II (सिथौली) – चिनोर लाइन, 132 केवी ग्वालियर II (सिथौली) -हस्तिनापुर की दो लाइने शामिल हैं।

आधुनिक तकनीक और सतत निगरानी बनी सफलता का आधार

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय एवं सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। थर्मो-विजन निरीक्षण, ड्रोन सर्विलांस, एससीएडीए आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऑनलाइन कंडीशन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निवारक अनुरक्षण जैसी व्यवस्थाओं ने ट्रांसमिशन लाइनों की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

 

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