ओम बिरला से मुलाकात के बाद TMC में हलचल, बागी सांसदों को मिला बड़ा भरोसा

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर उठे कलह के बाद जल्द ही संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले इस सत्र से पहले अब टीएमसी के बागी सांसदों ने एक बड़ा दावा किया है। बागी सांसदों की अगुवाई करने वालीं काकोली घोष दस्तीदार ने…

ओम बिरला से मुलाकात के बाद TMC में हलचल, बागी सांसदों को मिला बड़ा भरोसा

नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर उठे कलह के बाद जल्द ही संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले इस सत्र से पहले अब टीएमसी के बागी सांसदों ने एक बड़ा दावा किया है। बागी सांसदों की अगुवाई करने वालीं काकोली घोष दस्तीदार ने कहा है उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आश्वासन मिला है कि बागी सांसदों को लोकसभा में बैठने के लिए नई सीटें मिलेंगीं। साथ ही इन सांसदों को अलग दफ्तर भी मिल सकता है।

बता दें कि ये सभी सांसद पिछले महीने 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल हो चुके हैं। अब संसद का सत्र शुरू होने से ठीक पहले 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में NCPI के दो प्रतिनिधियों को शामिल होने का न्योता मिला है। इसे संसद में नए गुट को अनौपचारिक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

काकोली घोष का क्या दावा
बारासात क्षेत्र से काकोली घोष दस्तीदार ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा, “हमने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की थी। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि हमें संसद में एक नया कार्यालय मिलेगा और वे हमारे लिए नई सीटें आवंटित करेंगे। हमारे दो प्रतिनिधि 19 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में भी शामिल होंगे।”

इससे पहले बागी सांसदों के गुट के सुदीप बंदोपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार ने बीते सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार उन्होंने निचले सदन में पार्टी के 20 सांसदों के बैठने की व्यवस्था पर चर्चा की। सूत्रों ने पीटीआई भाषा को बताया कि सोमवार को हुई इस बैठक में उन्होंने नए संसद भवन में पार्टी के लिए कार्यालय आवंटित करने पर भी बातचीत की।

ममता खेमे ने भी दायर की है याचिका
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए याचिकाएं दायर की हैं। लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने इससे पहले ओम बिरला से मुलाकात कर संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत बागी 20 सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपी थीं। बनर्जी ने अपनी याचिका में कहा था कि दूसरे दल में शामिल होकर इन सांसदों ने स्वेच्छा से तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता छोड़ दी है, इसलिए उन्हें अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से यह भी आग्रह किया था कि पार्टी के अलग गुट होने का दावा करने वाले किसी भी समूह को कोई मान्यता, दर्जा या सुविधा नहीं दी जाए।

कब तक फैसला?
इस बीच रिपोर्ट्स के मुताबिक संसद के मानसून सत्र से पहले ही NCPI के विलय को औपचारिक मान्यता मिल सकती है। लोकसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "स्पीकर जल्द ही तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों से जुड़े मामलों पर फैसला लेंगे। फैसला होने के बाद इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।" गौरतलब है कि ममता बनर्जी की टीएमसी के 20 सांसदों के बगावत के बाद शिवसेना यूबीटी के भी 9 में से 6 लोकसभा सांसद शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) में शामिल हो गए थे।

About the Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

GoodDoo News

Your trusted source for unbiased, timely news. We cover national and global updates, politics, business, social issues, and inspiring stories. Stay informed with accurate reporting and impactful stories that matter.

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports