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Haryana News: फरीदाबाद में 43 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, पार्ट-टाइम जॉब और क्रिप्टो स्कैम में 10 गिरफ्तार

फरीदाबाद. घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी और क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 43.12 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित 10 आरोपितों को नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक से गिरफ्तार किया है। आरोपितों के…

Haryana News: फरीदाबाद में 43 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, पार्ट-टाइम जॉब और क्रिप्टो स्कैम में 10 गिरफ्तार

फरीदाबाद.

घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी और क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 43.12 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित 10 आरोपितों को नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक से गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 3.10 लाख रुपये, दो सिम और एक मोबाइल बरामद किया गया है।

सेंट्रल साइबर थाना प्रभारी बसंत कुमार ने बताया कि सेक्टर-31 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि 15 मई 2026 को उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद टेलीग्राम के जरिए उसे घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी और आनलाइन टास्क पूरा कर अच्छी कमाई का लालच दिया गया। शुरुआत में ई-कामर्स वेबसाइट के उत्पादों के लिंक पर क्लिक कर स्क्रीनशाट भेजने जैसे छोटे-छोटे टास्क दिए गए और बदले में कुछ रुपये उसके खाते में भेजे गए, जिससे उसका भरोसा जीत लिया गया।

ठगों ने उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित किया
इसके बाद साइबर ठगों ने उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर उसके खाते में 30 से 50 प्रतिशत तक का काल्पनिक मुनाफा दिखाकर लगातार निवेश बढ़ाने के लिए उकसाया गया। पीड़ित ने 17 मई से एक जून 2026 के बीच आरोपितों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में 43,12,928 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो निकासी रोक दी गई। इसके बाद उससे खाता अपग्रेड, केवाईसी, एडवांस टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और रुपये मांगे गए। ठगी का एहसास होने पर उसने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले 17 जून को आगरा निवासी प्रशांत शर्मा तथा मूल रूप से बिहार के मधुबनी निवासी विक्रम सिंह और विवेक कुमार को नोएडा से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि विवेक ने अपना बैंक खाता विक्रम को दिया और विक्रम ने वह खाता प्रशांत के माध्यम से साइबर ठगों तक पहुंचाया। इस खाते में ठगी की रकम में से करीब 3.80 लाख रुपये जमा हुए थे।
गौरव के नाम पर जारी सिम का इस्तेमाल रेहान कर रहा था

इसके बाद दो जुलाई को दिल्ली के प्रेम नगर-2, किराड़ी, सुलेमान नगर और सुल्तानपुरी क्षेत्र से गौरव कुमार, रेहान अहमद शाह और रणजीत को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार रणजीत ने एक बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी की रकम के 16 हजार रुपये आए थे। गौरव के नाम पर जारी सिम का इस्तेमाल रेहान कर रहा था और उसी सिम पर आने वाले ओटीपी साइबर ठगों तक पहुंचाता था। पुलिस ने नौ जुलाई को भिवानी निवासी मनोज, रोहतक निवासी दीपक, उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी अस्मित तथा रोहतक निवासी एक महिला को भी गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि महिला के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उसे साइबर ठगों के नेटवर्क तक पहुंचाया गया था। इस खाते में ठगी की रकम में से 19 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। इस पूरे नेटवर्क में अलग-अलग लोग बैंक खाते उपलब्ध कराने, सिम कार्ड मुहैया कराने और ओटीपी साझा कर साइबर ठगों की मदद कर रहे थे। ठगी की पूरी राशि पहले चरण में 14 बैंक खातों और छह यूपीआई खातों में ट्रांसफर की गई थी।

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