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प्रदेश भर में 600 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के साथ नशामुक्त समाज की ओर पुलिस का सशक्त कदम

भोपाल मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस एवं द्वारा प्रारंभ किए गए राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के पहले ही दिन प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के प्रति समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक करते…

प्रदेश भर में 600 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के साथ नशामुक्त समाज की ओर पुलिस का सशक्त कदम

भोपाल

मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस एवं द्वारा प्रारंभ किए गए राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” के पहले ही दिन प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के प्रति समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।

पहले दिन 1 लाख 85 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचा संदेश

15 जुलाई को प्रदेश के विभिन्न जिलों, पुलिस प्रशिक्षण शालाओं (PTS) और वाहिनियों (BN) में कुल 600 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से एक ही दिन में 1 लाख 85 हजार से अधिक नागरिकों, छात्र-छात्राओं , एनसीसी कैडेट्स, और गणमान्य नागरिकों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई और उन्हें नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में जागरूकता रैलियां, ड्रग अवेयरनेस रन, मैराथन , वाहन रैलियां, जनसंवाद , शपथ एवं हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक, क्विज प्रतियोगिताएं, जागरूकता रथ और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा , शिक्षक,  जनप्रतिनिधि, सामाजिक संस्थाएं, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट गाइड, ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों तथा आम नागरिकों ने अभियान में सहभागिता की।

इंदौर में रोबोट ने दिया नशे से दूरी का संदेश, क्विज प्रतियोगिता और जागरूकता रैली बनी आकर्षण का केंद्र

इंदौर में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। जागरूकता रैली, जनसंवाद और क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और नशामुक्त जीवन के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में रोबोट के माध्यम से नशे से दूरी का संदेश दिया गया, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। आरएपीटीसी इंदौर में प्रशिक्षणरत 340 नव आरक्षकों एवं स्टाफ द्वारा भी जागरूकता रैली आयोजित की गई।

बुरहानपुर में 7 हजार लोगों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प

बुरहानपुर में जिला स्तरीय नशामुक्ति अभियान के शुभारंभ अवसर पर मैराथन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 7 हजार लोगों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों , नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशा न करने की शपथ दिलाई गई। विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

झाबुआ में 5 हजार लोगों ने लिया हिस्सा, नुक्कड़ नाटकों से दिया गया संदेश

झाबुआ में आयोजित ड्रग अवेयरनेस रन में लगभग 5 हजार लोगों ने सहभागिता की। स्थानीय कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और नशामुक्त जीवन का संदेश आमजन तक पहुंचाया गया।

टीकमगढ़ में जागरूकता रथ रवाना, जिले के सभी थाना-चौकी क्षेत्रों में अभियान

टीकमगढ़ में पुलिस लाइन से जागरूकता रैली निकाली गई और जागरूकता रथ को रवाना किया गया। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों , विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों ने नशे का बहिष्कार करने तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ ली। जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में भी शपथ और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्थानीय भाषा और कलाकारों के माध्यम से भी अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

आगर-मालवा में पुलिस के साथ विद्यार्थी, स्काउट गाइड, ग्राम रक्षा समिति और सामाजिक संगठनों की सहभागिता

आगर-मालवा में अभियान का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, विद्यार्थी , स्काउट गाइड, ग्राम रक्षा समिति के सदस्य और एनजीओ प्रतिनिधि शामिल हुए। थाना कोतवाली परिसर से कंपनी गार्डन तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में भी जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

उज्जैन में 1000 लोगों ने लिया नशामुक्त समाज का संकल्प

उज्जैन जिले के बिरलाग्राम में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 1000 लोगों ने नशे से दूरी बनाए रखने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया।

खरगोन,  धार और अन्य जिलों में वाहन रैलियों और जनसंवाद के माध्यम से व्यापक जागरूकता

खरगोन में पुलिसकर्मियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने रैलियों के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया। धार में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों , शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से वाहन रैली आयोजित की गई, जिसे जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों से निकाला गया।

विदिशा में मेडिटेशन, शपथ और हस्ताक्षर अभियान बना आकर्षण का केंद्र

विदिशा में पुलिस अधीक्षक  रोहित काशवानी द्वारा विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में मेडिटेशन, शपथ और हस्ताक्षर अभियान विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

सीहोर में ग्रामीणों और विद्यार्थियों से जनसंवाद, सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूकता

सीहोर जिले में अभियान का शुभारंभ कर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंवाद के माध्यम से नागरिकों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर शपथ दिलाई गई। पुलिस अधीक्षक के संदेश पर आधारित जागरूकता वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया।

प्रशिक्षण संस्थानों में भी नशामुक्ति का संकल्प

पुलिस प्रशिक्षण शाला पचमढ़ी में प्रशिक्षणरत 313 नव आरक्षकों एवं स्टाफ को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। पुलिस प्रशिक्षण शाला सागर में प्रशिक्षणरत 525 नव आरक्षकों एवं स्टाफ द्वारा जनजागरूकता रैली निकाली गई तथा आकाशवाणी के माध्यम से भी नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया गया।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी व्यापक जनभागीदारी

जबलपुर,  ग्वालियर, सिवनी , कटनी,  खंडवा, उमरिया , शहडोल,  नर्मदापुरम, बैतूल , छतरपुर,  छिंदवाड़ा, मंदसौर , रतलाम,  सीधी सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्कूल-कॉलेजों,  पुलिस थानों , सार्वजनिक स्थलों, बाजारों , बस स्टैंड, ग्रामीण क्षेत्रों और शैक्षणिक संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों में रैलियों, शपथ , हस्ताक्षर अभियान, ई-शपथ , जनसंवाद,  पोस्टर-पंपलेट वितरण , नुक्कड़ नाटक, जागरूकता वाहनों और स्थानीय स्तर पर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। कई जिलों में पुलिस के साथ सामाजिक न्याय विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों, ब्रह्माकुमारी संस्थान, ग्राम रक्षा समितियों, एनसीसी , स्काउट गाइड और स्थानीय नागरिकों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की।

“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के माध्यम से मध्यप्रदेश पुलिस नशे के विरुद्ध जनजागरूकता को एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्य कर रही है। अभियान का उद्देश्य केवल नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता पैदा करना नहीं, बल्कि युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग को नशे के विरुद्ध एकजुट कर नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें, अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। 

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