18 जुलाई के बाद बदलेगी ग्रहों की चाल, इन राशियों को मिलेगा लाभ

जुलाई 2026 का महीना ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ लेकर आया है. 18 जुलाई 2026 को चंद्रमा का सिंह राशि से कन्या राशि में गोचर हो रहा है. यह खगोलीय घटना सामान्य गोचर से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके साथ ही पिछले काफी समय से चला आ रहा राहु-केतु…

18 जुलाई के बाद बदलेगी ग्रहों की चाल, इन राशियों को मिलेगा लाभ

जुलाई 2026 का महीना ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ लेकर आया है. 18 जुलाई 2026 को चंद्रमा का सिंह राशि से कन्या राशि में गोचर हो रहा है. यह खगोलीय घटना सामान्य गोचर से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके साथ ही पिछले काफी समय से चला आ रहा राहु-केतु का मायाजाल समाप्त हो जाएगा. इस घेरे के टूटने से पांच बड़े ग्रह अपनी नकारात्मक स्थिति से मुक्त होकर शुभ प्रभाव देने में सक्षम हो जाएंगे.

राहु-केतु का मायाजाल: क्या है ग्रहों का बंधन?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सभी 12 राशियों का एक पूर्ण चक्र होता है, जिसका अर्धचक्र 180 डिग्री का होता है.  इस आधे चक्र में कुल 6 राशियां आती हैं. जब सभी प्रमुख ग्रह एक साथ इसी अर्धचक्र में आकर बैठ जाते हैं, तो वे राहु-केतु के बीच फंस जाते हैं.  इसे ही ज्योतिष में राहु-केतु का मायाजाल कहा जाता है.

वर्तमान स्थिति में सूर्य कर्क राशि में, मंगल वृषभ में, राहु कुंभ में, केतु सिंह में, शुक्र सिंह में और शनि मीन राशि में स्थित होने के कारण ये सभी ग्रह एक संकीर्ण घेरे में बंधे हुए थे.  जब तक ग्रह इस मायाजाल में रहते हैं, उनकी शुभता कम हो जाती है, वे राशियों को पूर्ण फल देने में असमर्थ रहते हैं. 18 जुलाई को चंद्रमा के सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करते ही यह अर्धचक्र टूट जाएगा.  ग्रहों को इस बंधन से मुक्ति मिलेगी.  इसका व्यापक प्रभाव व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ देश की राजनीति, व्यापारिक परिस्थितियों, मौसम के मिजाज और सामाजिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा.

जुलाई 2026 के बड़े ज्योतिषीय घटनाक्रम
जुलाई के महीने में ग्रहों की चाल में लगातार बड़े बदलाव हो रहे हैं.

देवगुरु बृहस्पति: ये पहले ही अस्त हो चुके हैं, जिससे कुछ शुभ कार्यों में विलंब हो सकता है.

सूर्य का गोचर: सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं.

बुध की चाल: बुध का मिथुन राशि में गोचर हो चुका है और वे 24 जुलाई 2026 को मार्गी (सीधी चाल) होंगे.

शनि की वक्री चाल: 27 जुलाई 2026 को शनि देव वक्री होने वाले हैं, जिसे इस महीने का सबसे बड़ा और प्रभावी परिवर्तन माना जा रहा है.

इन राशियों के लिए बनेंगे लाभ के योग
राहु-केतु के घेरे से मुक्ति का सीधा लाभ उन राशियों को मिलेगा जो अब तक ग्रहों के प्रभाव में दबी हुई थीं.  विशेष रूप से मिथुन, कर्क और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से राहत भरा और लाभकारी रहने वाला है.

मिथुन राशि: करियर में अटके हुए कार्य पूरे होंगे.  बुध के मार्गी होने से आर्थिक लाभ के द्वार खुलेंगे.

कर्क राशि: स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव से मुक्ति मिलेगी.  सूर्य का गोचर आपके लिए आत्मविश्वास में वृद्धि लाएगा.

मीन राशि: राहु-केतु के बंधन टूटने से मन की उलझनें दूर होंगी. शनि के वक्री होने के बावजूद आपको कार्यों में सफलता मिलेगी.  रुके हुए धन की प्राप्ति के योग बनेंगे.

18 जुलाई के बाद की स्थिति जातकों के लिए एक नई शुरुआत लेकर आएगी.  ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रहों के स्वतंत्र होने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा . जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति देखने को मिलेगी.

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