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रथ यात्रा के नाम पर दस दिन रूट डायवर्जन, जनता परेशान

 रांची भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा और घुरती मेला को लेकर रांची ट्रैफिक पुलिस ने 16 से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। हालांकि इस फैसले पर सबसे बड़ा सवाल उठता है कि सबसे अधिक भीड़ केवल रथ यात्रा के दिन और उसके अगले दिन घुरती मेला के दौरान ही…

रथ यात्रा के नाम पर दस दिन रूट डायवर्जन, जनता परेशान

 रांची
भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा और घुरती मेला को लेकर रांची ट्रैफिक पुलिस ने 16 से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। हालांकि इस फैसले पर सबसे बड़ा सवाल उठता है कि सबसे अधिक भीड़ केवल रथ यात्रा के दिन और उसके अगले दिन घुरती मेला के दौरान ही रहती है।

इसके बावजूद पूरे दस दिनों तक प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्ट करने से आम लोगों, स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ट्रैफिक पुलिस के आदेश के अनुसार तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर तथा प्रभात तारा तीनमुहान से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, आटो, सवारी वाहन और बाइक के प्रवेश पर रोक रहेगी।

कई मार्गों पर वाहनों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना होगा। स्कूली बसों के रूट भी प्रभावित होंगे, जिससे बच्चों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ सकती है। रांची में रथ यात्रा के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए ट्रैफिक व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके लिए केवल भीड़ वाले दिनों और समय में ही डायवर्जन लागू किया जा सकता था।

आवश्यकता के अनुसार, चरणबद्ध व्यवस्था या पीक आवर्स में प्रतिबंध लगाकर भी यातायात को नियंत्रित किया जा सकता था। पूरे दस दिनों तक एक जैसी पाबंदी लागू करने से उन दिनों भी लोगों को परेशानी होगी, जब सामान्य दिनों की तरह ही यातायात रहेगा।

शहीद मैदान पर वाहनों को लगाकर लोगो को लंबी दूरी करनी होगी तय
पुलिस ने बिरसा चौक, प्रभात तारा मैदान, शहीद मैदान और तिरिल मोड़ हेलिपैड में पार्किंग की व्यवस्था की है। वहीं रिंग रोड, धुर्वा, हटिया और तुपुदाना की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग डायवर्जन रूट निर्धारित किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने यह भी कहा है कि भीड़ की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही रोकी जा सकती है

मेला में जाने वाले जो भी लोग शहीद मैदान के पास पार्किंग करेंगे उन्हें मेला तक जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी। वहीं ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने लोगों से पुलिस के निर्देशों का पालन करने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की अपील की है। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश से जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

आम लोगों की बढ़ी चिंता
आम लोगों का सवाल है कि जब सबसे अधिक भीड़ केवल दो दिनों में रहती है, तो दस दिनों तक रूट डायवर्ट करने की क्या आवश्यकता है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस आवश्यकता के अनुसार सीमित अवधि के लिए डायवर्जन लागू करती तो श्रद्धालुओं की सुविधा भी बनी रहती और शहरवासियों को अनावश्यक परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ता। ऐसी लचीली व्यवस्था प्रशासन और आम जनता, दोनों के हित में अधिक प्रभावी साबित हो सकती थी।

बिरसा चौक से चांदनी चौक की ओर वाले मार्ग पर बढ़ेगा दबाव
बिरसा चौक से धुर्वा सिठियो की ओर जाने वाले वाहनों को चांदनी चौक की ओर भेजा जाएगा। इस वजह से यातायात का पूरा दबाव इस मार्ग पर हो जाएगा। वहीं धुर्वा की ओर से आने वाले वाहनों को भी चांदनी चौक की ओर से आना होगा। जबकि बिरसा चौक से धुर्वा तक सड़क के एक मार्ग को आवगमन के लिए छोड़ा जा सकता था।

रिटायर्ड डीएसपी बोले- भीड़ के हिसाब से बने ट्रैफिक प्लान
रांची में रथ यात्रा और घुरती मेला को लेकर लागू की गई 10 दिनों की विशेष यातायात व्यवस्था पर रिटायर्ड डीएसपी अरविंद कुमार सिन्हा ने सवाल उठाया है। उनका कहना है कि पुलिस को पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर व्यावहारिक रणनीति अपनाने की जरूरत है, ताकि सुरक्षा भी बनी रहे और आम लोगों को अनावश्यक परेशानी भी न हो।

अरविंद कुमार सिन्हा के अनुसार, रथ यात्रा के दिन शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और वाहन पहुंचते हैं। ऐसे में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और विशेष ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह उचित है। हालांकि, घुरती मेला के दौरान भीड़ अपेक्षाकृत कम हो जाती है। इसलिए उन दिनों सीमित पुलिस बल और सामान्य यातायात व्यवस्था के साथ भी स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि लगातार 10 दिनों तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहने से रोजमर्रा के यात्रियों, कार्यालय जाने वाले लोगों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि प्रशासन को लंबे समय तक यातायात व्यवस्था में बदलाव करना ही है, तो स्कूलों में अवकाश घोषित करने या फिर भीड़ के अनुसार चरणबद्ध ट्रैफिक प्लान लागू करने पर विचार करना चाहिए।

रिटायर्ड डीएसपी का मानना है कि प्रशासन को परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लेने चाहिए। यदि समीक्षा में यह स्पष्ट हो कि बाद के दिनों में विशेष प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं है, तो संशोधित आदेश जारी कर सामान्य यातायात बहाल कर देना चाहिए। इससे सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी और आम नागरिकों को भी लगातार कई दिनों तक होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी।

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