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हरियाणा ने तंबाकू नियंत्रण में बनाई नई पहचान, देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा

 चंडीगढ़  हरियाणा (Tobacco Free Haryana) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली दो तिमाहियों में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज करते हुए तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्रभावी कानून प्रवर्तन, व्यापक जनजागरूकता, नशा मुक्ति सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी के दम पर राज्य तंबाकू-मुक्त समाज के लक्ष्य…

हरियाणा ने तंबाकू नियंत्रण में बनाई नई पहचान, देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा

 चंडीगढ़
 हरियाणा (Tobacco Free Haryana) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली दो तिमाहियों में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तहत उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज करते हुए तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

प्रभावी कानून प्रवर्तन, व्यापक जनजागरूकता, नशा मुक्ति सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी के दम पर राज्य तंबाकू-मुक्त समाज के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में अब तक 12,865 शैक्षणिक संस्थानों और 1,128 गांवों को तंबाकू-मुक्त घोषित किया जा चुका है, जबकि तंबाकू नियंत्रण प्रतिज्ञाओं (शपथ) के मामले में हरियाणा ने देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि तंबाकू-मुक्त शैक्षणिक संस्थान (टीओएफईआइ) दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। सरकार तंबाकू-मुक्त गांव अभियान को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने बताया कि कानून के सख्त पालन के तहत रिपोर्टिंग अवधि में कोटपा 2003 की धारा-4 के अंतर्गत 3,848 उल्लंघनकर्ताओं के चालान किए गए, जिनसे 1.82 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। वहीं, इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के तहत छह मामले दर्ज किए गए और 33 इलेक्ट्रानिक सिगरेट जब्त की गईं। राज्य के सभी जिला अस्पतालों तथा 17 मेडिकल एवं डेंटल कालेजों में संचालित तंबाकू नशा मुक्ति केंद्रों ने 20,414 तंबाकू उपयोगकर्ताओं को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डा. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया कि जागरूकता अभियान भी समानांतर रूप से व्यापक स्तर पर चलाए गए। पहली छमाही में 13,524 शैक्षणिक संस्थानों का मूल्यांकन किया गया, 10,500 से अधिक तंबाकू-मुक्त प्रतिज्ञा सत्र आयोजित हुए, जबकि 4,255 स्कूल रैलियां और 4,633 जागरूकता प्रतियोगिताएं आयोजित कर विद्यार्थियों और समाज को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

तंबाकू-मुक्त गांव अभियान के तहत 1,444 ग्राम सभा बैठकों, 2,247 जागरूकता गतिविधियों और 1,002 ग्राम स्तरीय समन्वय समितियों के गठन से ग्रामीण स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत किया गया।

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