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नोएडा से बदली तस्वीर, इलेक्ट्रॉनिक्स हब बना उत्तर प्रदेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और हाईटेक इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। कभी इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के मामले में सीमित पहचान रखने वाला उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनकर उभरा है। वर्तमान में भारत में निर्मित कुल मोबाइल…

नोएडा से बदली तस्वीर, इलेक्ट्रॉनिक्स हब बना उत्तर प्रदेश

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और हाईटेक इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। कभी इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के मामले में सीमित पहचान रखने वाला उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनकर उभरा है। वर्तमान में भारत में निर्मित कुल मोबाइल फोनों में से लगभग 65 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स में से करीब 55 प्रतिशत का उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा को केंद्र बनाकर विकसित किए गए मजबूत औद्योगिक परिवेश ने इस बदलाव में मुख्य भूमिका निभाई है, जिससे उत्तर प्रदेश वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में भारत की सबसे मजबूत कड़ी बन गया है।

सैमसंग, ओप्पो से लेकर डिक्सन तक: वैश्विक ब्रांड्स की पहली पसंद बना यूपी
उत्तर प्रदेश में आज विश्व के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल ब्रांड्स बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहे हैं। सैमसंग, ओप्पो (OPPO), वीवो (Vivo) और एलजी (LG) जैसी वैश्विक कंपनियां अपनी विनिर्माण इकाइयों का विस्तार कर रही हैं। डिक्सन टेक्नोलॉजीज, ऑप्टिमस, पैडजेट इलेक्ट्रॉनिक्स, जेटवर्क और भगवती प्रोडक्ट्स (माइक्रोमैक्स) जैसी प्रमुख कंपनियां देश-दुनिया के लिए असेंबलिंग और कंपोनेंट निर्माण कर रही हैं। सैमक्वांग, होलीटेक, केएचवाई, ख्वाटेक, सनवोडा और ड्रीमटेक जैसी कंपनियां पीसीबीए, कैपेसिटर और डिस्प्ले तैयार कर रही हैं, जबकि हायर (Haier) व पैनासोनिक कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा उत्पादन कर रहे हैं।

प्रभावी नीतियों से आया ₹28 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश
राज्य सरकार की 'इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2017' (संशोधित 2020 व 2022) और 'यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025' के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में 75 से अधिक कंपनियों द्वारा ₹28,000 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष निवेश आया है।

इसके साथ ही, सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने ₹32,146 करोड़ का स्वीकृत निवेश हासिल किया है। इसमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) के निकट स्थापित होने वाला 'एचसीएल-फॉक्सकॉन डिस्प्ले ड्राइवर चिप प्लांट' सबसे महत्वपूर्ण है, जो भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाएगा।

$17.5 अरब तक पहुंचा स्मार्टफोन निर्यात, AI और इंडस्ट्री 4.0 पर फोकस
उत्तर प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के आंकड़ों में अभूतपूर्व उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का स्मार्टफोन निर्यात रिकॉर्ड 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹1.45 लाख करोड़) तक पहुंच गया, जो भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का एक बड़ा हिस्सा है। प्रदेश में 24 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन उपभोक्ता हैं और 1.85 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालित हो रहे हैं। योगी सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, ऑटोमेशन और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे भविष्य के तकनीकों में निवेश को तेजी से बढ़ावा दे रही है।

 

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